संवाददाता साबीर अंसारी
जर्जर छत से गिर रहा मलबा, शराबियों का अड्डा बना परिसर, रोजाना सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में
बाँकीमोंगरा। नगर के मुख्य बाजार स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालय अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है। वर्षों से मरम्मत और रखरखाव के अभाव में भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। छत से लगातार प्लास्टर और कंक्रीट के टुकड़े गिर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार नगर पालिका प्रशासन अब भी मौन है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
मुख्य बाजार, सब्जी मंडी और आसपास के व्यापारिक क्षेत्र के बीच स्थित यह सुलभ शौचालय प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की जरूरत पूरी करता है। दुकानदार, ग्राहक, महिलाएं, बुजुर्ग और राहगीर रोज इसका उपयोग करते हैं, लेकिन सुविधा देने वाला यह भवन अब खतरे का पर्याय बन गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, रात होते ही यह परिसर शराबियों और असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन जाता है। परिसर में शराब की खाली बोतलें और गंदगी आम बात हो गई है। इससे महिलाओं और आम नागरिकों को असुरक्षा का एहसास होता है, वहीं स्वच्छता व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है।
व्यापारियों का कहना है कि कई बार नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को इस जर्जर भवन की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक न मरम्मत हुई और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए। छत से गिरते मलबे के बीच लोग मजबूरी में शौचालय का उपयोग कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया और कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
जनता पूछ रही है…
आखिर नगर पालिका इस जर्जर भवन की सुध कब लेगी?
क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी?
विकास के दावों के बीच सार्वजनिक सुविधाओं की यह बदहाली आखिर कब तक?
क्या नगर पालिका लोगों की सुरक्षा से ज्यादा किसी दुर्घटना का इंतजार कर रही है?
अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद बाँकीमोंगरा इस गंभीर समस्या पर तत्काल कार्रवाई करती है या फिर यह जर्जर भवन किसी बड़ी अनहोनी का कारण बनने के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी।
