जगदलपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर दशहरा की फूल रथ परिक्रमा के दौरान हादसे की दो घटनाएं सामने आई हैं। रथ खींचते समय रथ सड़क किनारे लगा बिजली के पोल से टकरा गया, जिससे पोल टूट गया और वहां पास में खड़े लोगों पर गिर गया। इससे कुछ लोग घायल हो गए। जिसका CCTV फुटेज भी सामने आया है।
वहीं, रथ परिक्रमा के दौरान एक स्कूटी सवार भी रथ की चपेट में आ गया। वीडियो में वह रथ के साथ काफी दूर तक घिसटता नजर आ रहा है। जिसे वहां तैनात जवान और स्थानीय लोग बचाते हुए नजर आ रहे हैं। इन दोनों घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

दरअसल, रथ खींचने के दौरान मौके पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहते हैं। सैकड़ों लोग एक साथ रस्सियों के सहारे रथ को खींचते हैं। ऐसे में रथ के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ रहती है। बिजली का पोल गिरने से कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
हालांकि, दोनों घटनाओं में घायलों की संख्या और स्कूटी सवार की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
75 दिनों तक चलता है बस्तर दशहरा
बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ के बस्तर का सबसे प्रमुख और विशिष्ट पारंपरिक पर्व है। इसकी खासियत यह है कि यह पर्व भगवान राम के रावण वध से जुड़ी दशहरे की परंपरा से अलग है। यहां आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना और आदिवासी परंपराओं के साथ दशहरा मनाया जाता है।
इसकी परंपराएं 618 साल पुरानी हैं और आयोजन लगभग 75 दिनों तक चलता है।
क्या होती है रथ परिक्रमा?
बस्तर दशहरा के दौरान रथ परिक्रमा सबसे प्रमुख आयोजनों में से एक है। इसमें विशाल लकड़ी के रथ को रस्सियों के सहारे खींचते हैं। रथ को जगदलपुर के निर्धारित मार्गों से परिक्रमा कराई जाती है। इस दौरान बस्तर सहित आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग और श्रद्धालु शामिल होते हैं।
रथ खींचने की परंपरा बस्तर की सामूहिक आस्था, जनजातीय संस्कृति और देवी के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। इस आयोजन में अलग-अलग समुदायों की भागीदारी रहती है। रथ परिक्रमा देखने और उसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग जगदलपुर पहुंचते हैं। यही वजह है कि परिक्रमा के दौरान रथ के आसपास भारी भीड़ रहती है।
