सेंसर टेक्नोलॉजी की होगी पढ़ाई, इससे पहले फ्रांस से हुआ था करार
भिलाई,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के भिलाई में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान IIT भिलाई ने फ्रांस के बाद अब जर्मनी की यूनिवर्सिटी से एमओयू किया है। इससे दोनों देशों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग के क्षेत्र में तेजी आएगी।
IIT भिलाई के मुताबिक, उन्होंने जर्मनी की प्रतिष्ठित सिएगेन यूनिवर्सिटी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MOU) किया है। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक अनुसंधान और सहयोग को बढ़ाना देना है। इसके साथ ही इससे दोनों संस्थानों के छात्रों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर अवसर मिलेंगे।
सेंटर आईआईटी भिलाई के अंदर ही होगा स्थापित
इस एमओयू के तहत एक विशेष पहल के रूप में सेंसर टेक्नोलॉजी पर एक संयुक्त केंद्र का निर्माण होगा। यह सेंटर आईआईटी भिलाई के अंदर ही स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र दोनों संस्थानों के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जाएगा।
इस सेंटर में आधुनिक सेंसर टेक्नोलॉजी पर रिसर्च करने के साथ ही नए नए इनोवेशन भी किए जाएंगे। इस अवसर पर भारतीय दूतावास जर्मनी से डॉ. बनर्जी भी मौजूद रहे। उन्होंने दो संस्थानों के बीच हुए इस तरह के शैक्षणिक सहयोग की सराहना की। समझौते पर दोनों संस्थानों के प्रमुखों ने सिएगेन विश्वविद्यालय में जाकर हस्ताक्षर किए।
भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होंगे शैक्षणिक रिश्ते
आईआईटी भिलाई के निदेशक डॉ. प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने इसे भारत और जर्मनी जैसे दो देशों के बीच अकादमिक रिश्तों को और मजबूत करने की ओर बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि, इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच नवाचार और रिसर्च के क्षेत्र में नए रास्ते खुलेंगे।
इससे स्वास्थ्य सेवा, स्मार्ट बुनियादी ढांचा और पर्यावरण निगरानी जैसे क्षेत्रों में वैश्विक ज्ञान, परिस्थिति तंत्र और औद्योगिक अनुप्रयोगों में योगदान मिलेगा।

