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भोजली विसर्जन में दिखी आस्था और उत्साह की रंगीन छटा, सरस्वती शिशु मंदिर गेवरा में प्रतिभागियों को मिला सम्मान

रिया गुप्ता ने हासिल किया प्रथम स्थान, मधु गुप्ता द्वितीय और महिमा लकड़ा तृतीय रहीं

पूर्व विद्यार्थियों ने भोजली की परंपरा और सांस्कृतिक महत्व की दी जानकारी, विजेताओं को प्रदान किए पुरस्कार
आगामी वर्ष अधिक से अधिक भैया-बहनों को भोजली बोने के लिए किया प्रेरित, आयोजन में सहयोग करने वालों की भूमिका रही सराहनीय

कोरबा-गेवरा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गेवरा परियोजना, कोरबा में आज पारंपरिक एवं सांस्कृतिक आस्था से जुड़े भोजली विसर्जन कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के भैया-बहनों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ सहभागिता की। इस अवसर पर भोजली बोने वाले प्रतिभागियों के बीच प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर उनकी मेहनत और सहभागिता का सम्मान किया गया।कार्यक्रम में विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी ओम केंवट, जयनेन्द्र कुर्रे, श्रीमती ज्योति चौरसिया एवं दीपक पाराशर उपस्थित रहे। उपस्थित अतिथियों द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी लोक परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जुडऩे का अवसर मिला।

भोजली प्रतियोगिता में रिया गुप्ता ने प्रथम स्थान, मधु गुप्ता ने द्वितीय स्थान तथा महिमा लकड़ा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए। विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी सांस्कृतिक एवं पारंपरिक आयोजनों में बढ़-चढक़र भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्राचार्य बजरंग लाल पटवा ने भोजली उत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भैया-बहनों को आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भोजली हमारी लोक संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राचार्य ने भोजली बोने वाले सभी भैया-बहनों को बहुत-बहुत बधाई एवं आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी ओम केंवट, जयनेन्द्र कुर्रे एवं श्रीमती ज्योति चौरसिया ने भी भोजली के संबंध में जानकारी साझा की। उन्होंने भोजली की परंपरा और इसके महत्व के बारे में विद्यार्थियों को बताया तथा आगामी वर्ष अधिक से अधिक भैया-बहनों से भोजली बोने और इस सांस्कृतिक परंपरा में सहभागिता करने की बात कही।
 ने प्रतियोगिता के मूल्यांकन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतिभागियों की भोजली का मूल्यांकन करने में उनका सहयोग सराहनीय रहा।
आयोजन की सफलता में ओम केंवट, रोहित राठौर, श्रीमती सावित्री मानिकपुर, चंद्रशेखर पटेल, सीताराम सांडिल्य, सुंदरलाल कर्ष, नरेन्द्र राजवाड़े, श्रीमती नंदा तिवारी, श्रीमती सुषमा जायसवाल एवं राकेश रोशन जायसवाल का सहयोग एवं सहभागिता भी सराहनीय रही। सभी ने आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने में अपनी-अपनी भूमिका निभाई। विद्यालय परिवार की ओर से कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
भोजली विसर्जन कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में पारंपरिक संस्कृति और सामूहिक सहभागिता का सुंदर वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पुरस्कार वितरण ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया, वहीं उपस्थित अतिथियों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को भोजली की परंपरा और सांस्कृतिक महत्व को समझने का अवसर मिला।
विद्यालय परिवार ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जोडऩा भी आवश्यक है। भोजली विसर्जन जैसे आयोजन विद्यार्थियों में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और रुचि पैदा करते हैं। इससे नई पीढ़ी को परंपराओं को समझने और उन्हें आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार प्राप्त करने वाले भैया-बहनों को उपस्थित अतिथियों एवं विद्यालय परिवार की ओर से शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही सभी प्रतिभागियों की मेहनत की सराहना की गई। आगामी वर्ष अधिक संख्या में विद्यार्थियों को भोजली उत्सव से जोडऩे की दिशा में भी प्रेरित किया गया।
सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गेवरा परियोजना में आयोजित भोजली विसर्जन कार्यक्रम में परंपरा, संस्कृति, उत्साह और सम्मान का सुंदर समन्वय देखने को मिला। रिया गुप्ता, मधु गुप्ता और महिमा लकड़ा ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय प्रबंधन, अतिथियों, निर्णायक एवं सहयोगियों की भूमिका सराहनीय रही।

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