रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में महाशिवरात्रि पर्व पर हर तरफ उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। दिन भर मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। रात तक यह सिलसिला जारी है। भूत पिशाच के साथ भोलेनाथ की बारात निकली है।
रायपुर में महादेव घाट स्थित हटकेश्वरनाथ महादेव का अर्धनारीश्वर स्वरूप में श्रृंगार किया गया है। दुर्ग में शिवनाथ नदी के तट पर बर्फ की सिल्ली से शिवलिंग बनाई गई है। राजिम कुंभ कल्प में ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी के पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ के ग्राम कोसमनारा स्थित सत्यनारायण बाबा के दर्शन किए। बिलासपुर, जगदलपुर में भी भक्तीमय माहौल बना हुआ है। इस दौरान महिलाओं ने भजन कीर्तन किया।
राज्य के सबसे प्रसिद्ध गरियाबंद जिले के राजिम में स्थित भूतेश्वर नाथ मंदिर में एक दिन पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दर्शन किया। आज यहां शिवालय से बाबा भूतेश्वर नाथ की पालकी निकली।
राजनांदगांव जिले स्थित मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में विशाल आयोजन हुआ। यहां विराजमान दुर्लभ स्फटिक के पातालेश्वर महादेव और पारे के भव्य पारेश्वर ज्योतिर्लिंग का महारुद्राभिषेक किया गया।
सरगुजा के देवगढ़ स्थित शिवलिंग की अर्धनारीश्वर के रूप में पूजा अर्चना हुई। धमतरी में उज्जैन की तर्ज पर महाकाल की शाही पालकी निकाली गई।
धमतरी में शाही पालकी में भोलेनाथ की बारात निकली।
राजिम कुंभ कल्प में ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी के पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
भगवान श्री कुलेश्वरनाथ के दर्शन के लिए सुबह लंबी कतार लगी थी।
गरियाबंद जिले के राजिम में स्थित भूतेश्वर नाथ मंदिर।
राजिम में संतों की निकली शाही पेशवाई।
दुर्ग में शिवनाथ नदी किनारे बर्फ से शिवलिंग बनाया गया है।

रायपुर में महादेव घाट स्थित हटकेश्वरनाथ महादेव का अर्धनारीश्वर स्वरूप में श्रृंगार।
