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भूपेश का केंद्र पर हमला, बोले-नक्सल मुक्त का दावा झूठा:सांसदों के दल बदलने पर सरकार को घेरा, कहा-सांसदों की खरीद-फरोख्त से लोकतंत्र मंडी बना

दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। दुर्ग के राजीव भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने नक्सलवाद, सांसदों की कथित खरीद-फरोख्त और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल को लेकर कई सवाल उठाए।

बघेल ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आज भी नेताओं और अधिकारियों को जेड प्लस जैसी सुरक्षा दी जा रही है। ऐसे में नक्सलवाद खत्म होने का दावा केवल राजनीतिक प्रचार है।

उन्होंने सांसदों के दल बदलने और नई पार्टियों में शामिल होने की घटनाओं को लोकतंत्र की खरीद-बिक्री बताया। बघेल के अनुसार, संसद को लोकतंत्र का मंदिर नहीं बल्कि मंडी बना दिया गया है।

भूपेश बघेल ने दुर्ग में राष्ट्रीय और प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने नक्सलवाद, महंगाई, बिजली दर वृद्धि, शिक्षा व्यवस्था और राम मंदिर चोरी मामले जैसे विषयों पर सवाल उठाए।

उन्होंने नक्सल मुक्त होने के सरकार के दावों को केवल प्रचार बताया। बघेल ने कहा कि नक्सल मुक्त प्रदेश तभी माना जाएगा जब नक्सल क्षेत्रों से पैरामिलिट्री फोर्स के कैंप हटा लिए जाएंगे और नेताओं के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष सुरक्षा व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

बघेल ने जोर दिया कि आज भी नक्सल प्रभावित इलाकों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को एक्स, वाई और जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही है। यह दर्शाता है कि खतरा अभी टला नहीं है और केवल बयानों से नक्सलवाद समाप्त नहीं होगा।

भूपेश ने केंद्र पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।

एनडीए के बढ़ते कुनबे और विभिन्न दलों के सांसदों के भाजपा समर्थक दलों में शामिल होने पर भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास निराश्रित पेंशन या नगर पालिका और नगर पंचायतों के कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए पैसा नहीं है। हालांकि, सांसदों और विधायकों को कथित तौर पर खरीदने के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था संसद को बाजार में बदल दिया गया है। सांसदों की खरीद-बिक्री हो रही है और सत्ता के लिए जनादेश का खुलेआम अपमान किया जा रहा है। बघेल ने कहा कि जिस दल को पिछले चुनाव में महज 822 वोट मिले थे, वह आज लोकसभा में बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है। यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मोदी के 12 साल को बताया काला अध्याय

केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर भाजपा द्वारा चलाए जा रहे “12 साल बेमिसाल” अभियान पर भी भूपेश बघेल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में नरेंद्र मोदी का कार्यकाल एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसी दौर में नोटबंदी हुई, जीएसटी लागू किया गया और कोरोना काल के दौरान अचानक लॉकडाउन लगाया गया। इन फैसलों से करोड़ों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लाखों मजदूर सड़कों पर आ गए और हजारों लोगों की जान चली गई।

भूपेश बघेल ने कहा कि देश आज महंगाई की मार झेल रहा है और इसके लिए केंद्र सरकार की गलत आर्थिक एवं विदेश नीति जिम्मेदार है। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है और देश लगातार दबाव की राजनीति का सामना कर रहा है।

नीट पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

नीट परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के मुद्दे पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।

बघेल ने कहा कि कई परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेते हैं और वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी उम्मीदों को तोड़ देती हैं। उन्होंने कहा कि मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।

राम मंदिर चोरी मामले पर उठाए सवाल

अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में चोरी की घटना को लेकर भी भूपेश बघेल ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना में सबसे पहले एफआईआर दर्ज होती है, लेकिन यहां बिना एफआईआर के ही जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि जांच हो रही है तो एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई। इससे संदेह पैदा होता है कि कहीं न कहीं कुछ छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम के नाम पर राजनीति करने वाले लोग अब जवाब देने से बच रहे हैं।

बिजली दर वृद्धि को बताया जनता पर अत्याचार

प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार ने एक बार फिर घरेलू, गैर घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे और गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। किसानों को भी राहत नहीं दी गई और कृषि पंपों की बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि कर दी गई।

बघेल ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं को गलत बिल भेज रहा है। कई उपभोक्ताओं को एक ही माह में अलग-अलग बिल प्राप्त हो रहे हैं। स्मार्ट मीटर के जरिए खपत बढ़ाकर दिखाने और अनुबंध भार बिना सहमति बढ़ाने जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में हुई पत्रकार वार्ता

दुर्ग में आयोजित इस पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, भिलाई कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, रिसाली महापौर शशि सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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