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भूपेश बोले- 1300 का DAP 2100 में मिल रहा:खाद-बीज की कमी से किसान त्रस्त, RI भर्ती परीक्षा गड़बड़ी पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन खाद की कमी और राजस्व निरीक्षक 2024 भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के मुद्दे पर विपक्ष हमलावर रहा। विपक्ष ने डीएपी (खाद) की कमी पर स्थगन प्रस्ताव लाया। इस दौरान भूपेश बघेल के कहा कि 1300 रुपए का डीएपी बाजार में 2100 में मिल रहा है।

बघेल ने कहा कि धान उत्पादन कम करने सरकार खाद रोक रही है। बाजारों में अमानक बीज मिल रहे हैं। वहीं इस पर बहस के बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है। वहीं प्रश्नकाल में के दौरान 2024 में हुई राजस्व निरीक्षक भर्ती गड़बड़ी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ।

वहीं भूपेश बघेल के सवाल पर CM विष्णुदेव साय ने कहा कि DAP खाद की कमी को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार ने अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे- नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था सुनिश्चित की है। राज्य में 1,79,000 बॉटल नैनो डीएपी भंडारित, निरंतर आपूर्ति जारी है।

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सदन में बैठे पक्ष-विपक्ष के सदस्य।

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सदन में बैठे पक्ष-विपक्ष के सदस्य।

विपक्ष ने सदन में हंगामे के बाद किया वॉकआउट

वहीं राजेश मूणत ने सदन में मामला उठाकर गड़बड़ी पिछली सरकार में होने की बात कही तो विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। उन्होंने परीक्षा मौजूदा सरकार में होने की बात कही। भूपेश बघेल ने मामले की सीबीआई जांच मांगी है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने का काम कर रही है।​​​​

EOW से 40 बिंदुओं में जांच कराई जा रही

हालांकि राजस्व मंत्री ने भर्ती परीक्षा में अनियमितता को स्वीकारा और कहा कि पांच सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी हुई। उच्च स्तरीय जांच के लिए EOW से 40 बिंदुओं में जांच कराई जा रही है। मंत्री टंकराम वर्मा ने आगामी विधानसभा से पहले कार्रवाई का ऐलान किया है।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने EOW जांच के आदेश किसके द्वारा दिए जाने का सवाल उठाया तो जवाब में मंत्री टंकराम वर्मा ने विभाग द्वारा EOW से जांच कराने के निर्णय की जानकारी दी।

विधानसभा अपडेट्स…

  • अजय चंद्राकर ने महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए, कहा कि भर्ती परीक्षा में रोस्टर नियमों का पालन नहीं हुआ है, मनमानी की गई। जिस पर सीएम ने कहा कि गड़बड़ी की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद एक्शन लिया जाएगा।
  • वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वाणिज्यिक कर, छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर अधिनियम, 2005 पटल पर रखा। केदार कश्यप, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि अधिनियम, 2016 का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2023-2024 पटल पर रखा।
  • नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने ध्यानाकर्षण में खाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के पास था खाद उपलब्ध है और सरकारी समिति में खाद नहीं है। आज वैकल्पिक व्यवस्था करने के बावजूद भी किसान आपके प्रति भरोसा नहीं रख पा रहा है।
  • भूपेश बघेल बोले- सरकार की निष्क्रियता के कारण प्रदेश में खाद और बीज की कमी और बिजली कटौती से किसान त्रस्त है।
  • विधायक उमेश पटेल ने कहा कि खेती की शुरुआत के लिए खाद बेहद जरूरी है। उत्पादन कम करने के लिए सरकार जान बूझकर DAP को रोक रही है।

सत्र शुरू होने से पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई।

दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि

इससे पहले सदन में छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सक्ती रियासत के राजा और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र बहादुर सिंह के निधन पर शोक जताया गया। दोनों दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सभा की कार्रवाई 10 मिनट के लिए स्थगित की गई थी।

वहीं सदन की कार्रवाई से पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक हुई, सीएम साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, डिप्टी सीएम अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक अजय चंद्राकर अन्य सदस्य मौजूद रहे।

सदन में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। सम्मान में खड़े हुए सदस्य।

विधायकों ने लगाए 996 सवाल

बता दें कि 14 जुलाई से 18 जुलाई तक यानी 5 दिनों के मानसून सत्र को लेकर विधायकों ने कुल 996 सवाल लगाए हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि इस बार सदन में तीखी बहस और सरकार पर विपक्ष के तीखे हमले देखने को मिल सकते हैं। राज्य में भाजपा सरकार बने करीब डेढ़ साल हो चुके हैं।

राजस्व निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2024 में गड़बड़ी के मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ।

राज्य गठन के बाद पहली बार अनुपूरक बजट नहीं

विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार अनुपूरक बजट पेश नहीं करेगी। राज्य गठन के बाद पहली बार सरकार अनुपूरक बजट नहीं ले रही है। सरकार ने इसकी सूचना विधानसभा सचिवालय को दे दी है। इस संबंध में विधानसभा और वित्त विभाग के सूत्रों ने बताया कि सरकार के पास अगले तीन माह के खर्च लायक वित्तीय व्यवस्था होने की वजह से प्रथम अनुपूरक बजट पेश नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

यह भी बताया गया है कि सरकार ने बीते बजट सत्र में आकस्मिकता निधि में बढ़ोतरी कर दी थी। इसे इसी वित्त वर्ष से ही 100 करोड़ से बढ़ाकर 1000 करोड़ का किया गया है। इस मद से 999 करोड़ तक के आकस्मिक खर्च किए जा सकेंगे।

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