रायपुर, एजेंसी। E20 पेट्रोल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा के बयान पर पलटवार किया है। रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने शुद्ध पेट्रोल की मांग पर कहा था, ‘शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?’
इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी नेता होश खो बैठे हैं। अगर जनता शुद्ध पेट्रोल मांग रही है तो इसका जवाब भाजपा को देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘अगर इतना ही है तो अपने बाप के घर से शुद्ध पेट्रोल ले आएं।’
जनार्दन मिश्रा ने क्या कहा था ?
भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने रीवा एयरपोर्ट पर रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए शुरू हुई नई उड़ानों के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान E20 पेट्रोल का विरोध करने वालों पर निशाना साधा था।
उन्होंने कहा था कि आंदोलन किया जा रहा है कि एथेनॉल नहीं चलेगा, सिर्फ शुद्ध पेट्रोल चाहिए। इसके बाद उन्होंने सवाल किया- ‘शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?’
भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा
मिश्रा बोले- 80% तेल विदेश से आता है
भाजपा सांसद ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का करीब 20% कच्चा तेल ही देश में पैदा करता है, जबकि करीब 80% तेल आयात करना पड़ता है। उनका तर्क था कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित होती है। ऐसे में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का विरोध नहीं किया जाना चाहिए।
ब्राजील का उदाहरण देकर E20 का बचाव
जनार्दन मिश्रा ने ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़े पैमाने पर एथेनॉल का इस्तेमाल होता है और गाड़ियां इससे चल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और मैकेनिकों के मुताबिक एथेनॉल से गाड़ियों के इंजन को नुकसान नहीं होता।
E20 पर पहले से जारी है सियासी घमासान
पेट्रोल में 20% तक एथेनॉल मिलाने की नीति को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इसके खिलाफ अभियान चला रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि E20 से कुछ वाहनों के माइलेज और इंजन पर असर पड़ सकता है।
वहीं, केंद्र सरकार और E20 के समर्थकों का तर्क है कि इससे पेट्रोल आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को लाभ मिलेगा और देश की ऊर्जा जरूरतों में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
कई देशों में एथेनॉल मिला पेट्रोल पहले से इस्तेमाल हो रहा
सरकार के मुताबिक, अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे कई देशों में एथेनॉल मिला पेट्रोल पहले से इस्तेमाल हो रहा है। सरकार का कहना है कि इस योजना से भारत ने कच्चे तेल के आयात पर 1.4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाई है। इससे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ी है, प्रदूषण कम हुआ है और किसानों को भी फायदा मिला है।
भारत पिछले साल ही पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य तय समय से पांच साल पहले हासिल कर चुका है। एक अप्रैल से पूरे देश में E20 पेट्रोल की सप्लाई शुरू हो चुकी है। अब सरकार 2030 तक इसे बढ़ाकर 30% करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
देश में 2 जनरेशन एथेनॉल मौजूद, थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस
फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल : फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल गन्ने के रस, मीठे चुकंदर, सड़े आलू, मीठे ज्वार और मक्का से बनाया जाता है। सेकेंड जनरेशन एथेनॉल : सेकेंड जनरेशन एथेनॉल सेल्युलोज और लिग्नोसेल्यूलोसिक मटेरियल जैसे- चावल की भूसी, गेहूं की भूसी, कॉर्नकॉब (भुट्टा), बांस और वुडी बायोमास से बनाया जाता है।
