रायपुर,एजेंसी। असम दौरे से लौटने के बाद बुधवार को पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, असम की जनता ने नया असम बनाने का मन बना लिया है। जिस तरह से वहां काम हो रहा है, उससे साफ है कि जनता परिवर्तन चाहती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि, इसी वजह से भाजपा के नेता बौखला गए हैं। उनके पास असम को देने के लिए कुछ नया नहीं बचा है। भूपेश बघेल ने धर्म स्वतंत्रता विधेयक, मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से मुलाकात और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी रायपुर एयरपोर्ट पर बयान दिया है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
हिमंत बिस्वा सरमा पर साधा निशाना
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि, सार्वजनिक मंच से ऐसे अपशब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन्हें वे बोल भी नहीं सकते। उन्होंने कहा कि, इस मामले में निर्वाचन आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन आयोग चुप्पी साधे हुए है।
धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर सवाल
राज्यपाल की तरफ से धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर हस्ताक्षर किए जाने के मुद्दे पर बघेल ने कहा कि, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल में भी यह विधेयक राष्ट्रपति के पास से वापस आया था। उन्होंने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट में इस तरह के मामलों की सुनवाई चल रही है। इसलिए अलग-अलग जगह अलग निर्णय होना उचित नहीं होगा।
PM से मुलाकात पर उठाए सवाल
भूपेश बघेल मुख्यमंत्री साय और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुलाकात पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले बस्तर के गांवों को 1 करोड़ रुपए देने की बात कही थी। बघेल ने पूछा कि, क्या मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से इस राशि की मांग की या नहीं अगर नहीं की तो इस मुलाकात का कोई विशेष मतलब नहीं है।
शिक्षा और खड़गे के बयान पर BJP को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भाजपा के सवाल उठाने पर बघेल ने कहा कि, यह भाजपा के मानसिक दिवालियापन की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि केरल देश का सबसे साक्षर राज्य है। हमें सभी राज्यों को केरल और हिमाचल की तरह शिक्षित बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि, छत्तीसगढ़ में 10 हजार स्कूल बंद कर दिए गए हैं। भाजपा शासित राज्यों में पाठशालाएं बंद हो रही हैं, जबकि अन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं।
