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भूपेश बोले-प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं:भिलाई में पूर्व सीएम ने कहा-विधायक तक सुरक्षित नहीं

दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 17 मार्च को विधानसभा घेराव की तैयारी कर रही है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई में कहा कि,प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है। कई गंभीर मुद्दों को लेकर कांग्रेस सड़कों पर उतरने वाली है।

भूपेश बघेल ने कहा कि, प्रदेश में चिंताजनक हालात बन गए हैं। आज प्रदेश में अफीम की खेती तक हो रही है। छात्रावासों में आदिवासी बच्चियों के गर्भवती होने की खबरें सामने आ रही हैं, जो बहुत ही भयावह स्थिति है।

उन्होंने कहा कि सरकार इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय केवल दावे कर रही है। प्रदेश के गांवों में मनरेगा का काम बंद कर दिया गया है और मजदूरों को मिलने वाला अधिकार अब खैरात की तरह दिया जा रहा है।

भिलाई में एक कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल।

भिलाई में एक कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल।

कल विधानसभा का घेराव करेगी कांग्रेस

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों से धान की खरीदी ठीक से नहीं हो पाई है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। सरकार किसानों और मजदूरों दोनों की अनदेखी कर रही है।

इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस 17 मार्च को विधानसभा का घेराव करेगी। बघेल ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचकर सरकार के खिलाफ विरोध जताएंगे।

पैरा मिलिट्री फोर्स की वापसी ही मानी जाएगी नक्सलवाद से मुक्ति

नक्सलवाद के मुद्दे पर भी भूपेश बघेल ने कहा कि, सरकार बार-बार दावा कर रही है कि नक्सलवाद खत्म होने की कगार पर है, लेकिन असली स्थिति तब मानी जाएगी जब बस्तर से पैरामिलिट्री फोर्स की वापसी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल बयान देने से कुछ नहीं होगा।

अगर सरकार सच में मानती है कि, नक्सल समस्या खत्म हो गई है तो फिर बस्तर से सुरक्षा बलों की वापसी की तैयारी भी होनी चाहिए। 31 मार्च की तारीख अब काफी नजदीक है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि क्या इसके बाद पैरामिलिट्री फोर्स की वापसी होगी या नहीं? यह बड़ा सवाल है।

सरकार गंभीरता से ले रही या नहीं? अब तक जानकारी नहीं

भाजपा विधायक रिकेश सेन की हत्या की साजिश के मामले में भी भूपेश बघेल ने सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक वीडियो सामने आया था। इसे लेकर विधानसभा में भी सवाल उठाया गया था। बघेल ने कहा कि अगर प्रदेश में विधायक ही सुरक्षित नहीं हैं तो बाकी लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

चाहे विधायक सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का, सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार की तरफ से साफ बयान आना चाहिए। अगर वीडियो गलत है या किसी ने जानबूझकर ऐसा किया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं अगर साजिश की बात सही है तो फिर इसकी गंभीर जांच होना जरूरी है।

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