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TCS को बड़ा झटका, कनाडा के सबसे बड़े बैंक ने छीना बरसों पुराना कॉन्ट्रैक्ट

मुंबई, एजेंसी। भारत की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) को कनाडा से बड़ा झटका लगा है। कनाडा के सबसे बड़े बैंक रॉयल बैंक ऑफ कनाडा (RBC) ने टीसीएस के साथ अपना बरसों पुराना कॉन्ट्रैक्ट आंशिक रूप से खत्म कर दिया है। बैंक ने यह काम अब एक्सेंचर (Accenture) को सौंप दिया है। 

कर्मचारियों का रीबैजिंग

इस फैसले का असर सीधे उन करीब 150 कर्मचारियों पर पड़ेगा, जो इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। इन कर्मचारियों को अब “रीबैजिंग” प्रक्रिया के तहत एक्सेंचर में ट्रांसफर किया जाएगा यानी वे वही काम जारी रखेंगे लेकिन अब टीसीएस की बजाय एक्सेंचर के कर्मचारी कहलाएंगे।

20 साल पुराना रिश्ता कमजोर पड़ा

टीसीएस और रॉयल बैंक ऑफ कनाडा की साझेदारी साल 2007 में शुरू हुई थी। उस समय टीसीएस को बैंक के कोर बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी सिस्टम्स को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में टीसीएस ने बैंक के कई अलग-अलग सिस्टम्स को एकीकृत कर आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया।

साल 2020 में टीसीएस ने दावा किया था कि उसने RBC के रिसर्च प्लेटफॉर्म को क्लाउड और एआई तकनीक से अपग्रेड किया है, जिससे ग्राहकों को तेज और बेहतर सेवाएं मिल सकें।

आखिर क्यों बदला बैंक का फैसला?

सूत्रों के मुताबिक, दुनिया भर के बड़े बैंक अब एआई और ऑटोमेशन पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। वे अपनी मुख्य टेक्नोलॉजी और ऑपरेशन्स पर खुद ज्यादा नियंत्रण रखना चाहते हैं, ताकि लागत कम हो और काम तेजी से हो सके। इसी रणनीतिक बदलाव के तहत RBC ने अपने पुराने आईटी कॉन्ट्रैक्ट्स की समीक्षा की और कुछ काम टीसीएस से हटाकर एक्सेंचर को दे दिया।

TCS के लिए क्यों अहम है यह मामला?

कनाडा और उत्तरी अमेरिका टीसीएस के लिए बेहद महत्वपूर्ण बाजार हैं। कंपनी की कुल कमाई का लगभग 48% हिस्सा उत्तरी अमेरिका से आता है। ऐसे में इतने पुराने और बड़े बैंकिंग क्लाइंट के साथ कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव को आईटी सेक्टर में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक TCS, RBC और Accenture की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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