मुंबई, एजेंसी। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex 1,456.32 अंक (1.92%) गिरकर 74,558.96 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty50 454.15 अंक (1.91%) टूटकर 23,361.70 पर आ गया। दिनभर के कारोबार में निवेशकों की लगभग 9.6 से 10 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति खत्म हो गई, क्योंकि बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली।

बाजार गिरने की मुख्य वजहें थीं-कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, रुपये का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर (95.58) पर पहुंचना और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव। इन कारणों से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और बाजार पर दबाव बढ़ गया।
भारत अपनी 85% से ज्यादा तेल जरूरतें आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ता है। तेल महंगा होने से महंगाई, आयात बिल और चालू खाता घाटे को लेकर चिंता और बढ़ गई है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
बाजार की गिरावट में IT सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। वैश्विक मंदी की आशंका और टेक खर्च में कमी के डर से IT कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई। TCS में 3.92% की गिरावट, Infosys में 3.23%, HCLTech में 4.21%, Tech Mahindra में 4.54% और Wipro में 3.79% की गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते Nifty IT index भी भारी दबाव में रहा। कुल मिलाकर, कमजोर रुपये, महंगा तेल और वैश्विक अनिश्चितता ने भारतीय शेयर बाजार पर बड़ा असर डाला और निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
