DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में स्कूल युक्तियुक्तकरण में बड़ी चूक

एक ही परिसर का स्कूल छोड़ डेढ़ किमी दूर के स्कूल को किया मर्ज; छोटे बच्चों को परेशानी

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही,एजेंसी। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में स्कूल युक्तियुक्तकरण को लेकर विवाद सामने आया है। शिक्षा विभाग ने एक ही परिसर में स्थित प्रायमरी स्कूल को मिडिल स्कूल में मिलाने की बजाय डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित प्रायमरी स्कूल को मर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है।

मामला ग्राम पंचायत कंचनडीह का है। यहां एक ही परिसर में प्रायमरी स्कूल कंचनडीह (यू डाइस कोड 22072200401) में 32 बच्चे और मिडिल स्कूल उरांवपारा कंचनडीह (यू डाइस कोड 22072200403) में 31 बच्चे पढ़ते हैं। युक्तियुक्तकरण के नियम के मुताबिक एक ही परिसर में स्थित इन दोनों स्कूलों का विलय होना था।

लेकिन लोक शिक्षण संचालनालय नया रायपुर ने 27 मई 2025 को जारी आदेश में डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित प्रायमरी स्कूल उरांवपारा कंचनडीह (यू डाइस कोड 22072200402) को मिडिल स्कूल में मर्ज करने का निर्देश दिया। इस फैसले से छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी होगी।

नियमों का दरकिनार

इतना ही नहीं, मर्ज किए गए स्कूल में 39 बच्चों की संख्या है। नियम के अनुसार 60 तक की संख्या में प्रधान पाठक की नियुक्ति होनी चाहिए थी। लेकिन 1+1 के नियम का उल्लंघन करते हुए एक सहायक शिक्षिका की पदस्थापना कर दी गई। इससे वहां दो सहायक शिक्षक हो गए हैं।

इस विलय से बालवाड़ी योजना भी प्रभावित होगी। क्योंकि यह योजना वहीं चलती है जहां एक ही परिसर में प्रायमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र होते हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गलती को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।

आवेदन देने के बावजूद नहीं लिया गया संज्ञान

बता दें कि मिडिल स्कूल कंचनडीह में वहां से डेढ़ किलोमीटर दूरी के प्रायमरी स्कूल कंचनडीह (उरांवपारा) को मर्ज नहीं किए जाने के संबंध में उक्त स्कूल के प्रभारी प्रधान पाठक ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को आवेदन पत्र दिया था, लेकिन उस आवेदन पर किसी भी प्रकार से कोई गौर नहीं किया गया।

Exit mobile version