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बिलासपुर हिंसा, CCTV से उपद्रवियों की पहचान, 11 अरेस्ट:2 पक्षों में विवाद के बाद पथराव-तोड़फोड़, TI का सिर फटा था, 8 पुलिसकर्मी घायल

बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शुक्रवार की रात 2 पक्षों में हुआ विवाद सामुदायिक हिंसा में बदल गया। पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई। कई गाड़ियों, घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। भीड़ को काबू करने पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस छोड़ी।

पथराव में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। एक आरक्षक समेत कई लोग घायल हुए। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें एक पक्ष के 8 और दूसरे पक्ष के 3 आरोपी शामिल हैं।

पुलिस अब CCTV फुटेज और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है।

बिलासपुर में दो पक्षों के बीच हुआ विवाद मामले में 11 आरोपी गिरफ्तार।

आरोपियों में एक पक्ष के 8 और दूसरे पक्ष के 3 आरोपी शामिल हैं।

CCTV फुटेज और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई पहचान।

CCTV फुटेज और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई पहचान।

कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद

पुलिस के मुताबिक खपरगंज के पास स्थित बिरयानी सेंटर के पास युवकों के बीच छींटाकशी और कथित हिंदू विरोधी धार्मिक टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ था। बहस बढ़ी तो दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। पुलिस के पहुंचने से पहले एक बुजुर्ग के घायल होने की जानकारी सामने आई।

इसके बाद दोनों पक्षों के लोग मौके पर पहुंचने लगे और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। खपरगंज से शुरू हुआ पथराव और तोड़फोड़ आसपास के इलाकों तक पहुंच गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाला और स्थिति को काबू में किया।

विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जमकर पत्थर फेंके।

हिंसा के बाद शहर में बढ़ाई गई सुरक्षा

इस घटना के बाद संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाई गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के कोई पोस्ट या वीडियो शेयर नहीं करने की अपील की।

11 गिरफ्तार, दोनों पक्षों पर कार्रवाई

SSP रजनेश सिंह के मुताबिक ठाकुर रामसिंह और सोहेल खान समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ केवल नाम सामने आने के आधार पर कार्रवाई नहीं होगी। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पूछताछ से मिले तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

पहले भी सामने आते रहे हैं विवाद

बिलासपुर में इससे पहले भी अलग-अलग मौकों पर विवादों के बाद दो पक्षों के आमने-सामने आने और तनाव की स्थिति बनने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में शुरुआती विवाद को समय रहते नियंत्रित करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहती है।

28 अगस्त की घटना में भी शुरुआती विवाद के बाद लोगों के जुटने और पथराव शुरू होने से हालात तेजी से बिगड़े। यही वजह रही कि पुलिस को तत्काल अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति संभालनी पड़ी।

सोशल मीडिया पर भी नजर

हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट और वीडियो की भी जांच की जा रही है। साइबर सेल यह पता लगा रहा है कि कहीं भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश तो नहीं की गई।

SSP ने कहा है कि अफवाह फैलाने या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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