रायपुर, एजेंसी। दिल्ली में राहुल गांधी के PM आवास घेराव के विरोध में छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस नेता आमने-सामने हो गए हैं। भाजपा नेता कांग्रेस दफ्तर का घेराव करने निकले। इस दौरान राजीव भवन के पास कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए, जिससे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और दो बार आंसू गैस छोड़ी गई। कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगाई गई, जिसे प्रदर्शनकारियों ने तोड़ने की कोशिश की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने अराजकता फैलाने की कोशिश की। डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि राहुल गांधी देश में अर्बन नक्सलवाद को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक मामले के लिए भाजपा जिम्मेदार है। संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी की गई। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस छोड़ी गई।
आंसू गैस के असर से मची अफरा-तफरी
प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और 5 बार आंसू गैस के गोले छोड़े। आंसू गैस के असर से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई कार्यकर्ता व पुलिस जवान इसकी चपेट में आ गए।
आंसू गैस से पुलिसकर्मी, रिपोर्टर भी प्रभावित
प्रदर्शन के दौरान छोड़ी गई आंसू गैस के असर से पुलिस जवानों के साथ कवरेज करने पहुंचे रिपोर्टर भी प्रभावित हुए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आंसू गैस भाजपा कार्यकर्ताओं पर नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर छोड़ी गई। वहीं, पार्टी ने महिला कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी का आरोप लगाते हुए पुलिस पर पक्षपात करने का भी दावा किया।
घेराव के दौरान लगा लंबा जाम
भाजपा के घेराव प्रदर्शन के चलते शंकर नगर और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित रहा। बैरिकेडिंग और प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने प्रदर्शन खत्म होने के बाद बैरिकेडिंग हटाकर यातायात सामान्य की गई।
