रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में BJP जिलाध्यक्ष अरूण धर दीवान ने कहा कि, खरसिया विधायक उमेश पटेल पर राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चक्र पर पैर रखकर अपमान किया है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि भाजपा जिलाध्यक्ष पहले अशोक चक्रधर की परिभाषा समझे।
दरअसल, भाजपा जिलाध्यक्ष ने यह पोस्ट बुधवार को किया था। जिसमें उन्होंने लिखा कि मुंह में राम, बगल में छुरी, हाथ में संविधान और कदमों में अशोक चक्र। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की उपस्थिति में आयोजित रैली में उमेश पटेल ने राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चक्र के ऊपर जूता रखकर अपमान किया है।
उन्होंने आगे लिखा है कि, संविधान की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी का यही असती चेहरा है। इस पोस्ट के बाद से उसमें कई तरह के कमेंट्स भी आने लगे और 60 लोगों ने इस पोस्ट को शेयर भी किया है।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने पूर्व मंत्री को लेकर सोशल मीडिया पर किया पोस्ट।
उमेश पटेल सार्वजनिक रूप से माफी मांगे
BJP जिलाध्यक्ष अरूण धर दीवान ने बताया कि, राष्ट्रीय प्रतीक अधिनियम 2005 के अनुसार कोई भी व्यक्ति यदि राष्ट्रीय चिन्ह का गलत उपयोग, व्यापारिक उपयोग, अनादर या अपमान करता है तो यह दंडनीय अपराध है।
उन्होंने बताया कि, उस तस्वीर में नजर आ रहा है कि गाड़ी पर पूर्व मंत्री उमेश पटेल ऐसे बैठे हैं कि उनका जूता अशोक चक्र पर आ गया है। मेरा यही आग्रह है वे इस गलती के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ले, तो ठीक है, नहीं तो प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की जाएगी। कांग्रेस अपने बचाव के लिए इसे अशोक चक्र नहीं बता रही है।
फेसबुक अकाउंट में पोस्ट करने के बाद उसमें कई तरह के कमेंट्स आने लगे।
पहले अशोक चक्र की परिभाषा समझे
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल शुक्ला ने इस मामले में कहा कि, सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अशोक चक्र की परिभाषा समझ ले। अशोक चक्र क्या है। अशोक चक्र में 24 तिलियों का बना नीले रंग का चक्र होता है।
ये जो नजर आ रहा एक समान्य चक्र की परिभाषा में है। उन्होंने बताया कि अशोक चक्र को किसी भी राजनीतिक दल अपने न किसी झंडे में लगाता है और न बैनर में लगाता है। यह एक सामान्य डिजाइन था। जिसमें उमेश पटेल का पैर संयोग से आ गया है। इस तरह की सस्ती राजनीति करने में भारतीय जनता पार्टी माहिर है।
