DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

कांग्रेस की नाकेबंदी पर भड़की BJP:डिप्टी CM बोले- सुपर फ्लॉप, राधिका खेड़ा ने कांग्रेस को बताया भ्रष्ट बाप-बेटे की प्राइवेट कंपनी

रायपुर,एजेंसी। आर्थिक नाकेबंदी आंदोलन के बाद कांग्रेस अब भारतीय जनता पार्टी की सियासी आलोचना का शिकार हो रही है। कांग्रेस के सड़कों के में चक्का जाम करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है । प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे फ्लॉप शो बताया। प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के भाजपा नेताओं के भी इस पूरे आर्थिक नाकेबंदी आंदोलन को लेकर कई तरह के बयान देते हुए कांग्रेस को इस मामले में घेरा है।

रायपुर के भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद कांग्रेस में भी भूपेश बघेल की स्वीकार्यता खत्म हो रही है। आखिर कब तक भूपेश बघेल, अपनी सरकार में हुए भ्रष्टाचारों पर पर्दा डालने के लिए ऐसे काम करेंगे? प्रदेशवासियों का समय जाया करते रहेंगे? आर्थिक नुकसान करते रहेंगे? पूरी कांग्रेस पार्टी को झोंकते रहेंगे? झूठ-पर-झूठ बोलते रहेंगे?

साव ने कहा पहली बार देखा जा रहा है कि भ्रष्टाचारियों के पक्ष में आर्थिक नाकाबंदी करके निर्दोष आम जनता को सजा देने का षड्यंत्र किया गया था। जनता का धन्यवाद कि इसे विफल कर दिया। साव ने कहा यह आश्चर्यजनक है कि भूपेश बघेल अपने बेटे की गिरफ्तारी पर कह रहे हैं कि अगर उसके दादा आज जीवित होते तो खुश होते। अनेक बार अन्याय का विरोध करते हुए वे जेल गए थे। साव ने कहा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रायपुर जोनल कार्यालय की प्रेस रिलीज में भी यह आईने की तरह साफ है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अनुसूचित अपराधों से अर्जित 2500 करोड़ रुपये से अधिक की आपराधिक आय (पीओसी) लाभार्थियों की जेबों में भर गई।

साव ने कहा ईडी की प्रेस रिलीज से यह पता चला है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की पीओसी प्राप्त हुई थी। चैतन्य ने उक्त पीओसी को मिलाने के लिए अपनी रियल एस्टेट फर्मों का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा, चैतन्य पर शराब घोटाले के 1000 करोड़ रुपए से अधिक के पीओसी को संभालने का भी आरोप है। वह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को पीओसी हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वय करते थे।

साव ने कहा आर्थिक नाकेबंदी में भूपेश को विशेषज्ञता हासिल है जब शासन में थेे तो कोल, महादेव एप्प, चावल, शराब, पीएससी, घोटाला करके प्रदेश के आर्थिक विकास की नाकेबंदी इन्होंने करवायी थी। साव ने कहा प्रदेश भर की जनता ने आर्थिक नाकेबंदी का विरोध किया। व्यापारिक और श्रम संगठनों ने इनकी नाकाबंदी का विरोध किया था। जनता भी खुल कर इनकी अराजकता के विरोध में आई। हम सभी संगठनों और छत्तीसगढ़ की जनता का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने भ्रष्टाचारियों का विरोध कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

तो क्या कांग्रेस चाहती है भ्रष्टाचारियों पर एक्शन न हो इस मामले में छत्तीसगढ़ प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के विषय पर जांच करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र को अरेस्ट किया गया है । अब इसपर अगर आर्थिक नाकेबंदी हो रही है तो मैं यह पूछना चाहता हूं, क्या प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच नहीं होनी चाहिए ? कांग्रेस यह कहना चाहती है कि भ्रष्टाचारियों पर ऐसी कोई कार्रवाई न हो ? क्या कांग्रेस यह कह रही है कि जांच एजेंसी बिना तर्क बिना आधार के काम किया जा रहा है ? क्या कांग्रेस ये कहना चाह रही है कि उनके लिए कवासी लखमा और उनके बेटे का कोई अर्थ नहीं है ? लेकिन भूपेश बघेल के बेटे का अर्थ है।

राधिका खेरा ने बघेल को घेरा

भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने कहा कि 3200 करोड़ का शराब घोटाला और जब बेटा पकड़ा गया तो पूरे छत्तीसगढ़ को ठप करने पड़े बघेल। अब चक्का जाम करके छत्तीसगढ़ को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। देवेंद्र यादव और कवासी लखमा जेल गए ये दोनों भूपेश के दरबार के अनमोल रतन थे। घोटालों के असली मास्टरमाइंड तो स्वयं भूपेश कका हैं, लेकिन जैसे ही बेटा फंसा तो वह कहते हैं ना कि राजा के प्राण तोते में होते हैं, तोता उनका बेटा है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी नहीं रही, यह भ्रष्ट बाप-बेटे की ढाल बन चुकी है। भ्रष्ट बाप-बेटे को बचाने की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बन चुकी है।

चंद्राकर बोले भूपेश के पीछे पूरी कांग्रेस हो गई

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने इस मामले में कहा- कांग्रेस के इस प्रदर्शन का उद्देश्य क्या रहा। देवेंद्र यादव, कवासी लखमा जेल में थे। तब आंदोलन क्यों नहीं हुआ । इस नाकेबंदी आंदोलन से साबित हो गया की पूरी कांग्रेस व्यक्ति के ऊपर केंद्रित है। जनता से कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस अब व्यक्तिनिष्ठ पार्टी हो चली है, पूरी कांग्रेस भूपेश बघेल के पीछे हो चुकी है।

Exit mobile version