सरगुजा,एजेंसी। सरगुजा जिले के उदयपुर स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले रामगढ़ पर्वत के अध्ययन के लिए भाजपा ने तीन सदस्यीय समिति बनाई है। यह समिति एक सप्ताह में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण देव सिंह को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रामगढ़ के संरक्षण के लिए पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने रामगढ़ से सटे हसदेव के जंगल में कोल ब्लॉक में हो रही ब्लास्टिंग के कारण रामगढ़ के ऐतिहासिक धरोहर पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चिंता जताई है।
रामगढ़ पर अध्ययन के लिए भाजपा की ओर से बनाई गई समिति में पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह और भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी शामिल हैं। पूर्व डिप्टी सीएम ने 2 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को 6 पन्नों की चिट्ठी खिली थी।

भाजपा ने बनाई तीन सदस्यीय टीम
इसमें पूर्व डिप्टी सीएम ने वर्तमान में संचालित कोल ब्लॉक में किए जा रहे विस्फोट के कारण रामगढ़ पहाड़ी की दरकने और लैंड स्लाइडिंग पर चिंता जताई है। इससे रामगढ़ पर्वत पर खतरा मंडरा रहा है। यहीं एक अन्य कोल ब्लॉक केते एक्सटेंशन को मंजूरी देने की प्रक्रिया सरकार ने शुरू कर दी है।
रामगढ़ की पहाड़ी पर स्थित है पुरातन राम मंदिर
भगवान राम के वनवास काल से जुड़ी है मान्यताएं
सरगुजा का ऐतिहासिक रामगढ़ पहाड़ रामवन गमन परिपथ से जुड़ा है। मान्यता है कि यहां भगवान राम ने अपने वनवास काल का कुछ समय गुजारा था। यहां ऐतिहासिक और प्राचीन नाट्यशाला भी है। पूरा रामगढ़ पहाड़ और प्राचीन राम मंदिर एएसआई की ओर से ऐतिहासिक धरोहर घोषित किया गया है।
सिंहदेव ने पत्र में लिखा है कि खदान से रामगढ़ पर्वत और राममंदिर की दूरी नहीं नापी गई है। वनविभाग ने वनभूमि के डायवर्सन के लिए दी गई अनापत्ति में सीता बेंगरा से खदान सीमा की दूरी 11 किलोमीटर बताई है, लेकिन यह दूरी भी 10 किलोमीटर से कम है। खदान क्षेत्र में 4.5 लाख पेड़ काटे जाने का अनुमान है।
भ्रम फैला रहा है विपक्ष- भाजपा
भाजपा ने समिति का गठन करते हुए कहा कि रामगढ़ पर्वत को लेकर विपक्ष जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। इसलिए वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए पार्टी प्रतिनिधि स्थल का दौरा करेंगे और जमीनी हकीकत से अवगत कराएंगे। भाजपा प्रदेश महामंत्री पवन साय की ओर से गठित समिति में पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा को संयोजक बनाया गया है।
विपक्ष भाजपा पर अडाणी समूह को संरक्षण देने का आरोप लगा रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
