दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। दुर्ग जिले के समोदा गांव में अफीम की खेती करने वाले भाजपा नेता विनायक ताम्रकर समेत 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। विनायक ताम्रकर ने एक खेत को लीज पर लेकर डेढ़ एकड़ में अफीम की खेती की थी। जिसकी कीमत करीब 7.88 करोड़ है।
अफीम उगाने की जानकारी मिलने पर 6 मार्च को पुलिस ने रेड मारी थी। मामला सामने आने के बाद पार्टी ने उन्हें अगले ही दिन सस्पेंड कर दिया। 7 मार्च को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उस खेत पहुंचे, जहां अफीम की खेती की गई थी।
भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा नेता का फार्महाउस करीब 150 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें चारागाह की भूमि भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी का सांसद, विधायक और कलेक्टर के साथ उठना बैठना है, जिसके चलते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सवाल पूछा है कि इस अवैध खेती में कौन कौन मंत्री विधायक शामिल था, सरकार बताए।
अफीम की खेती और कार्रवाई की तस्वीरें देखिए …
भगवा गमछा पहने बीजेपी नेता विनायक ताम्रकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
जहां अफीम की खेती हुई वहां ग्रामीण और स्थानीय लोग पहुंच गए थे।
भूपेश बघेल समोदा गांव में अफीम की खेती होने वाले खेत में पहुंचे थे।
डेढ़ एकड़ में अफीम की फसल मिली।
ग्रामीणों-पुलिसकर्मियों में झूमाझटकी
इस दौरान वहां भारी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग भी खेत में पहुंच गए। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो झूमाझटकी हो गई। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
बता दें कि पुलिस को अफीम की सूचना मिलने के बाद 6 मार्च को खेत में रेड की गई, जिसमें करीब डेढ़ एकड़ में अफीम के पौधे मिले हैं। मामला समोदा गांव का है, जहां भाजपा किसान मोर्चा के नेताओं के खेत में चोरी-छिपे अफीम की खेती की जा रही थी।
इस पर भाजपा नेता विनायक का कहना है कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी और जमीन अधिया (आधी फसल) पर दी गई थी।
पुलिस के मुताबिक 2 एकड़ जमीन में अफीम की खेती की जा रही थी।
जिस जमीन में अफीम की खेती वो मेरी नहीं- विनायक ताम्रकर
भाजपा नेता विनायक ताम्रकर ने कार्रवाई को द्वेषपूर्ण बताया है। उनके मुताबिक जिस जमीन को लेकर मामला बनाया जा रहा है, वह उनकी नहीं है और उनकी असली जमीन समोदा गांव में है। उनका नाम बिना वजह उछाला जा रहा है।
उन्होंने समोदा के सरपंच अरुण गौतम पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि सरपंच ने आपराधिक छवि छिपाने के लिए गलत तरीके से नामांकन भरा था, जिसकी शिकायत उन्होंने पहले एसडीएम कार्यालय में की थी। ताम्रकर ने यह भी बताया कि दस साल पहले उनकी पत्नी सरपंच थी और उस समय रेत रॉयल्टी के 23 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया था।
जिस पर कार्रवाई के बाद 23 लाख की रिकवरी हुई और उन्हें छह साल के लिए सस्पेंड किया गया था। उनका कहना है कि इसी पुरानी शिकायत और व्यक्तिगत द्वेष के कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है।

भाजपा नेताओं के साथ विनायक ताम्रकर की फोटो।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और भाजपा विधायक मोतीलाल साहू के साथ विनायक ताम्रकर।
भाजपा सांसद विजय बघेल के साथ किसी कार्यक्रम में मौजूद रहे विनायक ताम्रकर।
भूपेश बघेल ने एक्स पर सरकार से सवाल पूछा है
‘सुशासन’ मतलब ‘सूखा नशा आसन’
यह खेत भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का है. जो दुर्ग के ग्राम समोदा में स्थित है.
इन तस्वीरों को ध्यान से देखिए…फिर याद कीजिए कि कुछ दिन पहले विधानसभा में मैंने सूखे नशे के विषय में गृहमंत्री विजय शर्मा से कुछ सवाल किए थे और गृहमंत्री गोलमोल जवाब देते नजर आए थे.
सूखे नशे की तस्करी में लिप्त नव्या मलिक, जिसका नाम प्रदेश का बच्चा-बच्चा जानता है, उसका जिक्र सरकार की लिस्ट में था ही नहीं.
पहले तो मुझे बड़ा अचंभा हुआ लेकिन अब जब कड़ियाँ जुड़ रही हैं तो समझ आ रहा है कि खेल बड़ा है.
कमल के फूल वाली पार्टी के नेता अपने 10 एकड़ खेत में अब अफ़ीम के पौधे और फूल उगा रहे हैं. आपको बता दूँ कि अवैध नशीला पदार्थ हेरोइन का निर्माण भी इसी अफ़ीम के पौधे से होता है.
इसी हेरोइन की सप्लायर नव्या मलिक भी थी. लेकिन नव्या मलिक अचानक से सरकार की सूची से बाहर कैसे हो गई?
क्या नव्या मलिक और भाजपा के सूखे नशे की फ़ैक्ट्री में भी कोई कनेक्शन है? क्या वो भाजपा की फ़ैक्ट्री के प्रोडक्ट की मार्केटिंग का काम कर रही थी?
ये बड़े सवाल हैं जो छत्तीसगढ़ की जनता के बीच तैर रहे हैं. जिस प्रकार से भाजपा के इस नेता का बड़े अधिकारियों और मंत्रियों के साथ उठना-बैठना है, जिस प्रकार से सरकार की सूची से एक बड़ी नशा तस्कर का नाम गायब होता है, इन सब में कड़ियाँ जुड़ तो रही हैं.
अब जवाब मुख्यमंत्री @vishnudsai और गृहमंत्री @vijaysharmacg को देना है.
उनको बताना होगा:
1. अफ़ीम की इस खेती में कौन-कौन मंत्री/अधिकारी शामिल हैं? 2. नव्या मलिक का नाम सरकार की लिस्ट से किसने बाहर किया? 3. नव्या मलिक कितने बार विदेश गई और किसके साथ विदेश गई? 4. विनायक ताम्रकार मुख्यमंत्री निवास में कब-कब आया है? 5. विनायक ताम्रकार के किन-किन नेताओं और अधिकारियों से संबंध हैं?
आपकी चुप्पी जनता के संदेह को विश्वास में बदल रही है.
जनता मान रही है कि भाजपा ही प्रदेश में सूखे नशे को बढ़ावा दे रही है जिसके कारण कानून व्यवस्था बदहाल है. होली के दिन सिर्फ राजधानी में ही 5 मर्डर हुए हैं.
