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BJYM प्रदेश-अध्यक्ष ने अपनी ही सरकार से मांगी DMF राशि:हाथ जोड़कर बोले- गांव उजड़ गए, पैसा दे दो सरकार

रायगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रहने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी ही सरकार से DMF (जिला खनिज फाउंडेशन) की राशि गांव में भी देने की मांग की है।

यह वीडियो करीब 4 मिनट 19 सेकेंड का है। प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने हाथ जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ी में गीत गाया- ‘DMF के पैसा ला दे दो सरकार, उजड़ गे हमर गांव, गली खेत-खार। कंपनी अउ शहर सब्बो झन आगे बढ़ गे, गांव ह पिछड़ गे। क्षेत्र हा झेलत हे कंपनी-खदान के मार। न्याय करो साहेब, हे कर्णधार, DMF के पैसा ला दे दो सरकार’

रवि भगत लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में रहते हैं। उनके इस गीत का मतलब है कि कंपनी और शहर आगे बढ़ गए, लेकिन हमारे गांव पीछे रह गए। गांवों के विकास के लिए सरकार DMF की राशि दे दीजिए। कांग्रेस ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि अब रवि और विधायक आमने-सामने हैं।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत का वीडियो वायरल हो रहा है।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत का वीडियो वायरल हो रहा है।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद अब स्थानीय कांग्रेस नेता भी भाजपा के अन्य नेताओं पर पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस ने ये भी कहा कि DMF की राशि सभी जगह देनी चाहिए।

साथ ही एक अन्य पोस्ट में रवि भगत ने लिखा है कि सदन में बैठकर आप इस विषय पर आवाज नहीं उठाएंगे और रवि भगत का समर्थन करेंगे, तो ऐसे समर्थन से कुछ नहीं होगा।

कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ये कार्टून पोस्टर पोस्ट किया।

कांग्रेस ने कार्टून पोस्ट कर तंज कसा

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने भी रवि भगत के इस वीडियो के बाद एक कार्टून बनाकर पोस्ट किया है। इस कार्टून पोस्टर में एक तरफ कलेक्टर लॉबी और दूसरी ओर संघी लॉबी लिखकर रस्सी को खींचते हुए दिखाया गया है। साथ ही कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा है कि रवि भगत और रायगढ़ विधायक आमने-सामने हैं।

प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च की जाए राशि

रवि भगत ने 3 दिन पहले एक और पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा- ‘डीएमएफ (जिला खनिज फाउंडेशन) निधि का कम से कम 60% हिस्सा प्रभावित क्षेत्रों और लाभार्थियों की पहचान करके उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर खर्च किया जाना चाहिए। यह राशि खनन प्रभावित समुदायों और पर्यावरण के लिए विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रम लागू करने के लिए उपयोग की जाती है।

डीएमएफ में रॉयल्टी का एक निश्चित प्रतिशत योगदान के रूप में लिया जाता है, जो खनिज से खनिज में अलग होता है। 2016 में डीएमएफ राशि का 30% रॉयल्टी/सेग (royalty/cess) पर तय किया गया था। डीएमएफ फंड का उपयोग जिला स्तर पर पीएमकेकेकेवाई (PMKKKY) दिशानिर्देशों के तहत किया जाना चाहिए।’

रवि भगत ने डीएमएफ राशि को लेकर 3 दिन पहले एक पोस्ट किया था।

विकास के नाम प्रदेश को छल रहे

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने इस मामले पर कहा कि रायगढ़ विधायक लगातार अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी का यह अंदरूनी मामला है, लेकिन विकास के नाम पर केवल पूरे प्रदेश को छला जा रहा है। DMF की राशि सभी जगह देनी चाहिए।

लैलूंगा प्रभावित क्षेत्र में नहीं आता

इस संबंध में जब जिला भाजपा महामंत्री सतीश बेहरा ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि तमनार ब्लॉक में DMF की 10 करोड़ की राशि विकास कार्य के लिए आया है। बल्कि इससे पहले कभी नहीं आया था। लैलूंगा प्रभावित क्षेत्र में नहीं आता है। अब भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ऐसा किस लिए लिख रहे हैं, यह तो मैं नहीं जानता।

DMF के बारे में जानिए

DMF (जिला खनिज फाउंडेशन) एक ट्रस्ट है। इसका मुख्य उद्देश्य खनन गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों और लोगों के विकास के लिए काम करना है, जैसे कि पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, और पर्यावरण संरक्षण। हर एक खनन पट्टा धारक केंद्र सरकार के निर्धारित दरों के अनुसार DMF को रॉयल्टी का एक अंश भुगतान करता है।

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