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ब्राजीली राष्ट्रपति ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की:भारत-ब्राजील में क्रिटिकल मिनरल्स समझौता, PM मोदी बोले– 5 साल में 20 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

नई दिल्ली,एजेंसी। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा 18-22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं। आज उन्होंने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान लूला डी सिल्वा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने यह भी कहा, ‘आतंकवाद किसी धर्म या राष्ट्रीयता से जुड़ा नहीं है।’

दूसरी ओर भारत और ब्राजील के बीच क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर समझौता हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता मजबूत सप्लाई चेन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील ने अगले पांच सालों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक करने का लक्ष्य रखा है।

लूला डी सिल्वा के भारत दौरे की तस्वीरें…

मोदी से हाथ मिलाते ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ।

मोदी से हाथ मिलाते ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ।

राष्ट्रपति भवन में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा का स्वागत हुआ।

पीएम मोदी ने हैदराबाद हाउस में सिल्वा का स्वागत किया। यहां दोनों लीडर ने बैठक की।

चीन की निर्भरता कम करने की तैयारी में भारत-ब्राजील

क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स से जुड़ा समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख हिस्सा है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन की निर्भरता कम करने, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को सपोर्ट करने और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर केंद्रित है।

यह समझौता दोनों देशों को कच्चे माल के निर्यातक से आगे बढ़ाकर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रिसाइक्लिंग में भागीदार बनाने पर जोर देता है।

ग्रीन ट्रांजिशन सपोर्ट: क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और AI से जुड़े टेक्नोलॉजी के लिए जरूरी मिनरल्स की सुरक्षित आपूर्ति।

खनन, प्रोसेसिंग और रिसाइक्लिंग: क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे लिथियम, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट) और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) पर फोकस।

सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन: चीन पर निर्भरता कम करना, खासकर EV बैटरी, रिन्यूएबल एनर्जी और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए।

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: भारत की प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग क्षमता ब्राजील के संसाधनों के साथ जोड़ी जाएगी।

इन्वेस्टमेंट और जॉइंट वेंचर्स: भारतीय कंपनियां ब्राजील में निवेश कर सकती हैं, जबकि ब्राजील भारतीय टेक्नोलॉजी और मार्केट एक्सेस चाहता है।

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