रायगढ़,एजेंसी। रायगढ़ जिले में सिर कुचलकर बुजुर्ग भाई-बहन की हत्या कर दी गई। घर के आंगन में दोनों की खून से सनी लाश मिली है। दोनों के सिर पर चोट के गंभीर निशान मिले हैं। बताया जा रहा है कि ईंट से कुचलकर मारा गया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के पुरानी हटरी इलाके का है।
मिली जानकारी के मुताबिक मृतकों में सीताराम जायसवाल (65) और उनकी बहन अन्नपूर्णा जायसवाल (62) हैं। शवों के पास से ईंट के टुकड़े और ट्यूबलाइट्स के टूटे शीशे बरामद हुए हैं। आसपास काफी खून भी फैला हुआ है।

मर्डर की सूचना के बाद पुलिस की टीम घर में जांच कर रही है। आसपास के लोग भी जमा हो गए हैं।
कैसे हुई हत्या की जानकारी ?
दरअसल, दोपहर को करीब 12 बजे मृतक सीताराम जायसवाल का भतीजा करन जयसवाल उनके घर पहुंचा था। वह दरवाजा खुलवा रहा था, लेकिन कोई दरवाजा नहीं खोल रहा था। वह बगल के रास्ते से अंदर जाकर देखा तो उसके बड़े पापा सीताराम और बुआ अन्नपूर्णा के शव घर के आंगन में पड़े थे।
सीताराम जायसवाल की लाश घर के आंगन में खून से सनी मिली।
करन जायसवाल ने बताया कि खून से सने शव देखकर वह घबरा गया। तत्काल पुलिस को और डायल 112 की टीम को सूचना दी। पुलिस सूचना मिलते ही फौरन अपनी टीम के साथ पहुंची। घर के अंदर से शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
अन्नपूर्णा जायसवाल की लाश मिली है। लाश के पास ईंट के टुकड़े मिले हैं।
अकेले रहते थे दोनों भाई-बहन
स्थानीय लोगों के अनुसार, सीताराम जायसवाल शादीशुदा थे, लेकिन उनकी पत्नी और बच्चे उनके साथ नहीं रहते थे। उनकी बहन अन्नपूर्णा अविवाहित थीं। दोनों अपने पुराने घर में अकेले रहते थे। करन के मुताबिक कभी-कभी एक और बुआ है, वह आती थी और चाचा आते थे।
डॉग की मदद से सुराग की तलाश कर रही पुलिस
मौके पर पहुंची डॉग स्क्वायड ने घटनास्थल से लेकर पुरानी हटरी इलाके की गलियों से होते हुए रेलवे स्टेशन तक का चक्कर लगाया, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। पुलिस की डॉग रूबी भी भटक गई। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू कर दिए हैं।
रायगढ़ पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। पुलिस की डॉग रूबी भी भटक गई।
हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल ने बताया कि एफएसएल और डॉग स्क्वायड की मदद से जांच की जा रही है। पड़ोसी और रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है। हत्या की आशंका को लेकर हर एंगल से जांच की जा रही है। घटना के पीछे का कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
