मुंगेली,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में संपत्ति हड़पने के लिए छोटे भाई ने सुपारी देकर बड़े भाई को मरवा दिया। दामोदर सिंह (62) रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी थे। उनके पास लगभग 4 करोड़ की प्रॉपटी और 30 तोला सोना था, जो वह हड़पना चाहता था। मर्डर के लिए उसने गांव के ही युवक से 10 लाख रुपए और 50 डिसमिल जमीन देने की डील की थी और साढ़े 4 लाख रुपए एडवांस भी दे भी दिए थे।

मामला लालपुर थाना क्षेत्र का है। वारदात में 15 लोग शामिल थे। 21 मार्च को दामोदर को बुलाकर गमछे से उसका गला घोंटा गया, लाश घटनास्थल से 60km दूर जंगल ले जाकर रेत में दफनाया गया, फिर मोबाइल नदी में बहा दिया था। 8 दिन बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें पूर्व कांग्रेस नेता समेत 4 नाबालिग और परिवार के ही सदस्य है।
मारने के बाद घटनास्थल से 60km दूर ले जाकर रेत में लाश दफनाई गई।
8 दिन बाद मिली लाश पूरी तरह से सड़ चुकी थी।
बेटे के साथ चल रहा था जमीनी विवाद
दरअसल, दामोदर सिंह राजपूत (62) शिक्षा विभाग में लेखा अधिकारी थे। जो रिटायर के बाद मुंगेली में किराए के मकान में रह रहे थे। जांच में सामने आया कि दामोदर सिंह का अपने इकलौते बेटे संजय राजपूत के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक कलह का फायदा उठाकर आरोपियों ने प्रॉपटी और सोना हड़पने की साजिश रची।
पहले भी की थी मारने की कोशिश
आरोपियों ने एक फर्जी नोटरी तैयार करवाया था, जिसमें यह दर्शाया गया था कि दामोदर अपनी संपत्ति भाइयों और भतीजों को बेच रहे हैं और अपने बेटे से कोई संबंध नहीं रखना चाहते। जांच में यह भी पता चला कि 2025 में दामोदर सिंह को मारने की कोशिश एक सड़क हादसे के जरिए की गई थी।
पूजा के नाम पर बुलाया, गला घोंटकर जंगल में दफनाया
21 मार्च को प्लानिंग के तहत छोटे भाई रणजीत ने अपने भाई दामोदर को दुर्गा पूजा के बहाने झाफल बुलाया। रास्ते में मनोहरपुर के सुनसान इलाके में संजय यादव और उसके साथियों (प्रिंस, योगेश और एक नाबालिग) ने दामोदर की गाड़ी रोककर गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।
पहली कार खराब हुई तो दूसरे से ठिकाने लगाया
आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे कार में भरा। रास्ते में कार खराब होने पर देवराज साहू की कार मंगवाई गई और शव को शिफ्ट कर कवर्धा के देक्सय जंगल में नदी के पास गड्डा खोदकर रेत में दफना दिया पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भेजकर गंगा नदी में फिंकवा दिया।
पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मामले का खुलासा किया।
घर नहीं पहुंचे पर परिजनों ने तलाश शुरू की
21 मार्च को दामोदर सिंह अपने पैतृक गांव झाफल में जंवारा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगले दिन परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।
इस दौरान ग्राम मनोहरपुर राइस मिल के पास उनकी बाइक लावारिस हालत में मिली, जिसके बाद परिजनों फौरन लालपुर थाने में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अलग-अलग टीमें गठित की गई।
जांच के दौरान, पुलिस ने मुंगेली जिले के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और सरहदी इलाकों के CCTV खंगाले। इस दौरान एक संदिग्ध कार (CG 10 AC 8986) दामोदर सिंह राजपूत की बाइक का पीछा करते हुए दिखाई दी।
मृतक दामोदर सिंह।
गांव के ही युवक को दी थी सुपारी
पुलिस ने कार मालिक देवचरण साहू से पूछताछ की तो पता चला कि ग्राम झाफल के रहने वाले संजय यादव ने किराए पर ली थी। पुलिस ने संजय यादव को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि छोटे भाई रणजीत, साला पालेश्वर सिंह और चचेरे भाई रामपाल राजपूत ने हत्या की सुपारी दी थी।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 कार, बाइक, मोपेड और 96 हजार कैश जब्त किया है। सभी बालिग आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जबकि 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
