बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सोमवार को अवैध चर्च पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। सरकारी जमीन पर चर्च बनाया गया था। हिन्दू संगठनों ने प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण की शिकायतें की थी। पुलिस बल की मौजूदगी में चर्च को तोड़ा गया। मामला सकरी थाना क्षेत्र के भरनी गांव का है।
वहीं मसीह समाज के लोगों ने बताया कि ये चर्च नहीं है, जिसे प्रशासन की टीम ने तोड़ा है, वह घर है। बच्चों की भविष्य को लेकर मकान बनाया था। इसी तरह से कई लोगों के घर हैं, जो सरकारी जमीन पर बने हैं, लेकिन हमारे घर को ही टारगेट किया। विरोध कर तोड़ा गया।
इसके पहले रविवार को बिलासपुर के पचपेड़ी क्षेत्र के जोंधरा गांव में रविवार को बीमारी ठीक करने और प्रलोभन देकर धर्म बदलने के आरोप पर हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल किया। हंगामे के बीच पुलिस ने पास्टर समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया है।
बिलासपुर जिले में सोमवार को अवैध चर्च पर प्रशासन का बुलडोजर चला है।

सरकारी जमीन पर अवैध चर्च बनाने के आरोप में बुलडोजर से तोड़ा गया।
पंचायत का आरोप है कि यहां धर्मांतरण का खेल चल रहा था, इसलिए शिकायत की गई थी। नियम के तहत कार्रवाई की गई है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 13 जुलाई 2025 की रात को हिंदूवादी संगठन के नेता और कार्यकर्ताओं ने भरनी के आवास पारा में अवैध चर्च को लेकर बवाल किया था। आरोप था कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर चर्च बनाया गया है। नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में धर्मांतरण का खेल चल रहा है।
हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता राम सिंह ठाकुर ने आरोप पुलिस से शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस भरनी से तीन युवकों को पकड़कर पूछताछ के लिए थाने ले गई थी। इसके साथ ही अवैध चर्च के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची।
13 जुलाई 2025 की रात को हिंदूवादी संगठन के लोगों ने आवास पारा में अवैध चर्च को लेकर बवाल किया था।
जिसको तोड़ा वह चर्च नहीं, हमारा मकान था
आकाश खरे ने बताया कि जिस मकान को बुलडोजर से तोड़ा गया, वह मेरे बड़े भाई महावीर सूर्यवंशी का है। ये चर्च नहीं, मकान है। पिछले 8 साल से सभी रह रहे हैं। सभी घर सरकारी जमीन पर हैं। पहले कच्चा मकान में रह रहे थे, लेकिन एक-एक पैसा जोड़कर पक्का मकान बनाए। इसको प्रशासन ने तोड़ दिया।
बड़े भाई ने बच्चों के भविष्य को लेकर घर बनाया था
आकाश खरे ने बताया कि गांव के सभी लोग जब सरकारी जमीन पर घर बना रहे थे, तभी हम लोगों ने भी घर बनाया, लेकिन सिर्फ बड़े भाई के मकान को ही प्रशासन ने तोड़ा। ग्राम पंचायत और संगठन के लोग सिर्फ हमारे ही घरों के विरोध में हैं, बाकि लोगों के भी घर हैं, उनका विरोध नहीं है। बड़े भाई ने बच्चों के भविष्य को लेकर घर बनाया था।
अब जानिए दूसरा मामला क्या है ?
दरअसल, बिलासपुर के पचपेड़ी क्षेत्र के ग्राम जोंधरा में रविवार को हिंदू संगठन के लोगों ने धर्मांतरण का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ता गांव पहुंचे तब वहां एक मकान में प्रार्थना सभा चल रही थी, जिसमें कुछ ईसाई समुदाय के लोग थे। बाकी भीड़ स्थानीय और आसपास के ग्रामीणों की थी।
इस दौरान हिंदू संगठन के लोग जय श्रीराम के नारे लगाते हुए हंगामा मचाना शुरू कर दिया। उन्होंने इस घटना की जानकारी पचपेड़ी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां मौजूद हिंदू संगठन के लोगों को किसी तरह शांत कराया।
हिन्दूवादी संगठन के लोगों ने गांव पहुंचकर मचाया हंगामा।
दोनों पक्षों को थाने ले आई पुलिस, दो गिरफ्तार
इस दौरान पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। थाने में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया। उन्होंने धर्मांतरण के लिए प्रलोभन देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही थाने में एक आवेदन भी दिया।
उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने पास्टर सुखनंदन लहरे और उसके भाई रघुनंदन लहरे के खिलाफ धर्म स्वातंत्रय अधिनियम और बीएनएस की धारा 299 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रार्थना सभा के नाम पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप।
पुलिस बोली- शिकायत पर केस दर्ज
थाना प्रभारी श्रवण कुमार टंडन ने बताया कि, हिन्दू संगठन के लोगों ने ग्राम जोंधरा में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण कराने की शिकायत की है। इसी आधार परसुखंनदन लहरे पास्टर और उसका भाई रघुनंदन लहरे के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
