नई दिल्ली, एजेंसी। त्योहारी सीजन के दौरान सोने की मांग में जोरदार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके साथ ही, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को खासा समर्थन मिल रहा है। घरेलू बाजार में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर 80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गई हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि धनतेरस पर सोना खरीदना अभी भी मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है।
मजबूत वैश्विक कारणों से सोने की कीमतों में तेजी
बाजार के जानकारों के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों और अमेरिकी बॉन्ड पर घटते रिटर्न के कारण सोने की कीमतों को समर्थन मिल रहा है। विश्व बाजार में भी सोना नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है, जो इसकी मांग को और मजबूत कर रहा है।
सोने की कीमतें बढ़ने की 5 मुख्य वजहें:-
त्योहारी मांग में इजाफा:
kotak सिक्योरिटीज की उपाध्यक्ष कायनात चैनवाला का कहना है कि त्योहारी सीजन में सोने की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है, जिससे कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं।
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें:
प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना से सोने में निवेश की धारणा मजबूत हो रही है।
पश्चिम एशिया का तनाव:
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कई केंद्रीय बैंकों ने सोने की खरीद बढ़ा दी है, जिससे इसकी कीमतों को और समर्थन मिल रहा है।
अमेरिकी चुनावों की अनिश्चितता:
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच कड़ी टक्कर की वजह से भी निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
कस्टम शुल्क में कटौती:
भारतीय सरकार द्वारा कस्टम शुल्क में कटौती के बाद सोने की खरीदारी में और तेजी आई है।
आने वाले महीनों में भी सोने की कीमतों में बढ़त की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की खरीदारी को लेकर धारणा अभी भी सकारात्मक बनी हुई है। पिछले एक साल में सोने ने अपने निवेशकों को 30 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है। मौजूदा स्थिति और त्योहारी मांग को देखते हुए आने वाले महीनों में इसमें 10 फीसदी तक और वृद्धि संभव है।
