अमेरिका और चीन ने मध्यस्थता की, जंग में अब तक 30 से ज्यादा मौतें
बैंकॉक/नोम पेन्ह,एजेंसी। कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट ने थाईलैंड के साथ चल रहे सीमा विवाद में युद्धविराम की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए तत्काल लड़ाई रोकने की उम्मीद है।
चीन और अमेरिका ने इस सीजफायर में मध्यस्थता की है। दोनों देशों के बीच मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर आज शांति वार्ता हुई।
इस बैठक में थाईलैंड की तरफ से कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई और कंबोडिया की तरफ से प्रधानमंत्री हुन मानेट ने हिस्सा लिया। इस बैठक की अध्यक्षता मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने की
दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के चलते बीते दिनों में भारी गोलीबारी हुई है। इसमें 33 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में ज्यादातर आम नागरिक शामिल हैं।

मलेशिया इस समय दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन ASEAN की अध्यक्षता कर रहा है। उसने दोनों देशों को बातचीत की मेज पर बुलाया है।
कंबोडिया, थाईलैंड और मलेशिया के राष्ट्राध्यक्षों ने सीजफायर के बाद साथ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
ट्रम्प बोले थे- संघर्ष रुकवाना आसान काम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को कहा था कि थाईलैंड और कंबोडिया के बीच संघर्ष को सुलझाना उनके लिए आसान काम है, क्योंकि उन्होंने पहले भारत और पाकिस्तान के बीच का विवाद भी सुलझाया है।
ट्रम्प ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात के दौरान कहा था कि उन्होंने थाईलैंड और कंबोडिया के नेताओं को चेतावनी दी है कि अगर युद्ध नहीं रुका, तो अमेरिका व्यापारिक समझौता नहीं करेगा।
इससे पहले ट्रम्प ने शनिवार को भी दावा किया था कि थाईलैंड और कंबोडिया के नेताओं ने तुरंत सीजफायर वार्ता पर सहमति दे दी है। ट्रम्प ने कहा कि यह वॉर मुझे भारत-पाक संघर्ष की याद दिलाती है, जिसे हमने कामयाबी से रोका था।
ट्रम्प ने शनिवार को भी व्यापार समझौता रोकने की धमकी दी थी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को स्कॉटलैंड यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर लिखा था कि तीन दिन से जारी सीमा विवाद के बीच उन्होंने दोनों देशों से सीधे बात की और साफ किया कि अगर संघर्ष जारी रहा तो अमेरिका कोई व्यापार समझौता नहीं करेगा। ट्रम्प ने लिखा-
दोनों पक्ष तत्काल युद्धविराम और शांति चाहते हैं। मैंने कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट और थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई से अलग-अलग बात की है।
इधर, थाई प्रधानमंत्री फुमथम ने ट्रम्प को धन्यवाद देते हुए कहा था कि थाईलैंड सीजफायर के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए कंबोडिया का भी सीरियस होना जरूरी है।
थाईलैंड-कंबोडिया संघर्ष में मौत का आंकड़ा 33 हुआ
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक हजार साल पुराने दो शिव मंदिरों को लेकर शुरू हुआ संघर्ष अभी भी जारी है। इस संघर्ष में अब तक 33 लोगों की मौत हो गई है।
कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक लड़ाई में उसके 13 लोगों की मौत हुई है। इनमें 8 नागरिक और 5 सैनिक शामिल हैं। इसके अलावा 71 लोग घायल हुए हैं। वहीं, थाईलैंड के भी 20 लोग मारे गए हैं। इनमें 14 नागरिक और 6 सैनिक शामिल है।
कंबोडिया ने थाईलैंड पर जानबूझकर हमला करने का आरोप लगाया
कंबोडिया ने थाईलैंड पर जानबूझकर हमला करने का आरोप लगाया है और कहा है कि थाई सेना उनकी संप्रभुता का उल्लंघन कर रही है।
कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेट ने शनिवार को दावा किया कि मलेशिया की मध्यस्थता में 24 जुलाई की रात दोनों ही देश सीजफायर पर समहत हुए थे, लेकिन समझौते पर पहुंचने के 1 घंटे से भी कम वक्त में थाईलैंड ने अपना रुख बदल दिया और समझौते से हट गया।
UN सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी बैठक में कंबोडिया ने जंग को रुकवाने की मांग की है। इस मीटिंग में थाईलैंड ने कंबोडिया पर सीमावर्ती इलाके में बारूदी सुरंगें बिछने का आरोप लगाया। थाई राजदूत ने कहा कि कंबोडिया ने ही हमले शुरू किए।
थाईलैंड-कंबोडिया के बीच जंग की 5 फुटेज
थाई सेना ने गुरुवार को प्रीह विहियर मंदिर के पास कंबोडियाई हथियारों के एक डिपो पर हमला किया। यह वीडियो रॉयल थाई आर्मी ने जारी किया है।
थाईलैंड के हवाई हमलों के जवाब में कंबोडिया ने गुरुवार को कई BM21 रॉकेट दागे।
थाईलैंड के सुरिन प्रांत में कंबोडिया सैनिकों की गोलीबारी में 8 साल के बच्चे नामखोंग बूंटाएंग की मौत हो गई।
थाईलैंड के सिसाकेट प्रांत में एक पेट्रोल स्टेशन से जुड़े एक स्टोर से धुआं निकलता हुआ।
कंबोडियाई BM-21 रॉकेटों ने थाईलैंड सीमा के पास हमला किया।
संयुक्त राष्ट्र ने कूटनीतिक समाधान निकालने को कहा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में बंद कमरे में एक आपात बैठक की। इसमें सभी 15 देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की।
कंबोडिया के UN राजदूत छेआ कीओ ने कहा,
हम बिना शर्त युद्धविराम चाहते हैं। हमारी कोई आक्रमण की मंशा नहीं है, हम एक छोटा देश हैं, हमारे पास एयरफोर्स तक नहीं है।
विवाद को देखते हुए थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास ने एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें भारतीय नागरिकों से थाईलैंड और कंबोडिया सीमा के पास 7 राज्यों में जाने से बचने की अपील की गई है।
इनमें उबोन रत्चथानी, सुरिन, सिसाकेत, बुरीराम, सा काओ, चंथाबुरी और ट्राट शामिल हैं। इसके अलावा इमरजेंसी की स्थिति में दूतावास से संपर्क करने के लिए कहा गया है।
कंबोडिया बोला- थाईलैंड और हमले की तैयारी कर रहा
कंबोडिया ने जंग शुरू होने के बाद पहली बार हताहतों की संख्या बताई है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक अब तक 13 लोगों की मौत हुई है, जिसमें 5 सैनिक हैं। वहीं, 71 घायल हुए हैं, जिसमें 21 सैनिक हैं।
सबसे ज्यादा नुकसान ओड्डार मीनचे प्रांत में हुआ है। लड़ाई की वजह से हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पलायन करना पड़ा है। कंबोडिया में 35 हजार से ज्यादा लोगों को पलायन करना पड़ा है। ओड्डार मीनचे में 22,000 लोग पलायन कर गए हैं, जबकि प्रीह विहियर में 10,000 से ज्यादा लोग पलायन कर गए हैं।
प्रीह विहियर प्रांत में लड़ाई के कारण विस्थापित हुए कंबोडियाई लोग एक शरणार्थी शिविर में आराम कर रहे हैं।
थाईलैंड रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता माली सोचेता ने कहा कि थाईलैंड ऐसी परिस्थितियां तैयार कर रहा है जिससे उसे कंबोडिया पर और हमला करने की वजह मिल जाएगी। जैसे थाईलैंड दावा कर रहा है कि कंबोडियाई सेना ने बॉर्डर पर एंटी पर्सनल माइंस बिछाई हैं। यह जानबूझकर किया गया था, ताकि कंबोडिया पर हमले का बहाना बनाया जा सके।
कंबोडिया और थाईलैंड के बीच मंदिर विवाद को जानिए…
थाईलैंड और कंबोडिया का इतिहास लंबे समय तक खमेर साम्राज्य (कंबोडिया) और सियाम साम्राज्य (थाईलैंड) के बीच टकरावों से जुड़ा रहा है।
फ्रांस और ब्रिटिश शासन के दौरान भी दोनों देशों की सीमाओं को तनाव था, जिसकी वजह से प्रीह विहियर (प्रिय विहार) और ता मुएन थॉम मंदिरों के आसपास की जमीन पर अधिकार को लेकर कानूनी और राजनीतिक विवाद लगातार चलता रहा था।
1907 में जब कंबोडिया फ्रांस के अधीन था तब दोनों देशों के बीच 817 किमी की लंबी सीमा खींची गई थी।
थाईलैंड ने इसका विरोध किया, क्योंकि नक्शे में प्रीह विहियर (प्रिय विहार) मंदिर कंबोडिया के हिस्से में दिखाया गया था।
वहीं, ता मुएन थॉम मंदिर को थाईलैंड में दिखाया गया, जबकि कंबोडिया इसे अपना मानता है।
