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कोरबा में खाई में गिरी कार, 2 लोग जिंदा जले:टेंट के काम से तातापानी जा रहे थे, इसी जगह गई थी 4 की जान

कोरबा। कोरबा में बुधवार सुबह कार बेकाबू होकर 30 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे के बाद कार में आग लग गई। जिससे उसमें सवार 2 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। दोनों तातापानी महोत्सव में टेंट के काम के लिए निकले थे। घटना मोरगा पुलिस चौकी क्षेत्र की है।

जानकारी के मुताबिक, मृतकों में बिलासपुर के तोरवा निवासी गोपाल चंद्र डे (42) और अरुण सेन (36) शामिल है। तातापानी जाते वक्त कोरबा के मदनपुर फॉरेस्ट बैरियर के पास उनकी कार (CG-10-BF-1673) बेकाबू होकर खाई में जा गिरी।

बता दें कि जिस जगह पर सड़क हादसे में गोपाल चंद्र डे और अरुण सेन की मौत हुई। उसी जगह पर साल 2023 में भी एक पुलिसकर्मी और उसके परिवार के साथ इसी तरह का हादसा हुआ था। उस हादसे में कुल 4 लोगों की मौत हुई थी।

खाई में गिरने के बाद कार में भीषण आग लग गई और दोनों जिंदा जल गए।

खाई में गिरने के बाद गाड़ी पूरी तरह डैमेज हो गई और अंदर से जलकर भी राख हो गई।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, गोपाल चंद्र डे और अरुण सेन बिलासपुर के तोरवा के रहने वाले थे। गोपाल चंद्र डे के 2 बच्चे भी हैं। दोनों बुधवार तड़के तातापानी में चल रहे महोत्सव में टेंट के काम से शामिल होने के लिए निकले थे।

कोरबा में गाड़ी 30 फीट गहरी खाई में गिर गई और बुरी तरह डैमेज हो गई। हादसे में गोपाल चंद्र डे और अरुण सेन घायल हो गए। जब वो बाहर निकलने की कोशिश करते कार में आग लग चुकी थी। देखते ही देखते आग ने कार को पूरी चपेट में ले लिया।

ये तस्वीर गोपाल चंद्र डे और अरुण सेन की है। (फाइल फोटो)

ये तस्वीर गोपाल चंद्र डे और अरुण सेन की है। (फाइल फोटो)

राहगीरों ने पुलिस की जानकारी

राहगीरों ने जलती हुई कार देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मोरगा पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक दोनों की जलकर मौत हो चुकी थी। पुलिस ने किसी तरह मृतकों के परिजनों से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी। मृतकों के परिजन बुधवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार के कारण वाहन के बेकाबू होने को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गौर कर रही है।

हादसे के पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों के अवशेषों को कब्जे में लिया।

पत्नी से आखिरी बातचीत मंगलवार रात हुई थी

मृतक गोपाल डे की पत्नी प्रीति डे ने बताया कि मंगलवार रात करीब 11 बजे किसी काम को लेकर उनकी अपने पति गोपाल डे से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। इसके बाद गोपाल डे बुकिंग वाहन से विश्रामपुर के लिए रवाना हुए थे।

10 पीस सामान लेकर निकले थे विश्रामपुर

प्रीति डे के अनुसार, गोपाल डे दीप लाइट के हीटर सहित कुल 10 पीस सामान लेकर निकले थे। बातचीत के बाद वह बच्चों के साथ सो गईं। बुधवार सुबह करीब 6 बजे उन्हें मोबाइल के माध्यम से जानकारी मिली कि उनके पति हादसे का शिकार हो गए हैं और वाहन में आग लगने से उनकी मौत हो गई है।

2 मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

मृतक गोपाल डे की दो बेटियां श्रेया डे और श्वेता डे हैं। इस दर्दनाक हादसे में दोनों मासूम बच्चियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। घटना के बाद से दोनों मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है।

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