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कोरबा में जानलेवा हमले में जमानती धाराओं में केस दर्ज:पीड़ित ने ASP से लगाई गुहार, सिर में लगे 10 टांके,आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

कोरबा। कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम नवापारा अमलडिहा में हुए हमले के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि गंभीर चोटों और जानलेवा हमले के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केवल जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया है।

इसे लेकर पीड़ित ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) को आवेदन सौंपकर गैर-जमानती धाराएं जोड़ने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

घर में घुसकर हमला करने का आरोप

पीड़ित राजेश के अनुसार, 6 जून 2026 की रात करीब 8 बजे पुरानी रंजिश के चलते आरोपी तोषन गिरधारी और देवी मन्नेवार उसके घर में जबरन घुस आए। आरोप है कि दोनों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया।

हमले में राजेश के सिर पर गंभीर चोट आई। इलाज के लिए उसे चांपा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर में 10 टांके लगाए। मेडिकल रिपोर्ट में भी गंभीर चोट का उल्लेख किया गया है।

FIR दर्ज, लेकिन धाराओं पर उठे सवाल

घटना के अगले दिन 7 जून को उरगा थाना में एफआईआर क्रमांक 0328 दर्ज की गई। हालांकि पीड़ित पक्ष का कहना है कि चोटों की गंभीरता और हमले की प्रकृति को देखते हुए भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केवल जमानती धाराएं लगाई हैं।

पीड़ित का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर संदेह पैदा हो रहा है।

हत्या के प्रयास का मामला मानने की मांग

पीड़ित पक्ष ने ASP को दिए आवेदन में कहा है कि मामले की जांच भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या के प्रयास की दृष्टि से की जानी चाहिए। उन्होंने चिकित्सकीय रिपोर्ट और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर धारा 109 सहित अन्य गैर-जमानती धाराएं जोड़ने की मांग की है।

निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग

आवेदन में सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और किसी निष्पक्ष अधिकारी से मामले की जांच कराने की मांग की गई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी कार्रवाई से ही उन्हें न्याय मिल सकेगा।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। ASP को दिए गए आवेदन के बाद अब यह देखना होगा कि मामले में धाराओं की समीक्षा की जाती है या नहीं।

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