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ACB समूह की वाशरियों व पावर प्लांटों के कोयला लिंकेज और वित्तीय अनियमितताओं की हो CBI/SIT जांच — भारतीय जनाधिकार पार्टी

23 सितंबर को SECL मुख्यालय बिलासपुर के सामने होगा विशाल शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन

वर्ष 1999 से वर्तमान तक हुए अरबों-खरबों रुपये के कोयला आफरा-तफरी, डिजिटल हेरफेर और कोल लेवी के खेल की हो स्वतंत्र जांच

महामहिम राष्ट्रपति प्रधानमंत्री केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय कोयला मंत्री के नाम CMD को सौंपा जाएगा ज्ञापन

बिलासपुर/कोरबा/दीपका। भारतीय जनाधिकार पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा ACB समूह की दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, चाकाबुड़ा, रतिजा, रेंकी, बिंझारी तथा संबद्ध कोयला वाशरियों, ताप विद्युत परियोजनाओं, कोयला परिवहन एवं रेलवे साइडिंग से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर वर्ष 1999 से वर्तमान तक सीबीआई (CBI) उच्चस्तरीय विशेष जांच दल (SIT), बहु-विभागीय न्यायिक व तकनीकी जांच वित्तीय-डिजिटल फोरेंसिक ऑडिट तथा भौतिक सत्यापन की पुरजोर मांग की गई है ।

भारतीय जनाधिकार पार्टी के पदाधिकारियों संयोजक अध्यक्ष दीपक दुबे उपाध्यक्ष/महामंत्री (संगठन) संजय सिंह, महामंत्री (प्रशासनिक) शैलेन्द्र कुमार गोपाल, सचिव दिनेश यादव तथा युवा मोर्चा संयोजक अध्यक्ष संजय रत्नाकर एवं हेमंत पैगवार ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि पूर्व में 18 अगस्त को इन मांगों को लेकर एसईसीएल दीपका में धरना-प्रदर्शन किया गया था। शासन-प्रशासन द्वारा अग्रिम ठोस कार्रवाई न किए जाने के कारण चरणबद्ध आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 23 सितंबर 2026 को प्रातः 11:00 बजे एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के समक्ष एक विशाल एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है ।

प्रदर्शन के पश्चात एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय कोयला मंत्री, कैबिनेट सचिव CBI ACB EOW एवं संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपा जाएगा ।

उठाए गए प्रमुख बिंदु एवं मांगें

  1. अरबों-खरबों रुपये के कोयला विचलन की व्यापक जांच:- यह मामला केवल किसी एक वाशरी या प्रदूषण की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि कोयला खरीद वाशरी संचालन कच्चे एवं रिजेक्ट कोयले के परिवहन, कोयला लेखांकन, रेलवे साइडिंग, तौल कांटा, ताप विद्युत संयंत्रों में ईंधन उपयोग राख एवं गाद निस्तारण जल दोहन औद्योगिक डीजल-बायोडीजल कर लाभ तथा डिजिटल अभिलेखों की पूरी व्यवस्था की जांच का विषय है ।
  2. 1 करोड़ टन कच्चे/रिजेक्ट कोयले के स्रोत का हिसाब:- उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार प्रतिवर्ष 1 करोड़ टन से अधिक कच्चे/रिजेक्ट कोयले का परिवहन पावर प्लांटों में दर्शाया जाता है, जब ACB के सभी पावर प्लांट रिजेक्ट कोल से चलाने की अनुमति है, तो डीओ शक्ति के 1 करोड़ टन कोयले का वास्तविक स्रोत क्या है? प्रत्येक टन कोयले के स्रोत प्रसंस्करण परिवहन और अंतिम उपयोग का CBI/SIT द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाए ।
  3. डिजिटल साक्ष्य और डेटा को तत्काल सील करने की मांग:- तौल कांटा सर्वर जीपीएस (GPS) फास्टैग (Fastag) आरएफआईडी (RFID) एएनपीआर (ANPR) सीसीटीवी (CCTV) ओसीईएमएस/सीईएमएस ईआरपी/एसएपी (ERP/SAP) ईंधन अभिलेख रेलवे रिकॉर्ड एवं वित्तीय डिजिटल डेटा को तत्काल सुरक्षित रखने के कड़े निर्देश दिए जाएं, ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न की जा सके ।
  4. ताप विद्युत संयंत्रों एवं डिजिटल तौल प्रणाली का फोरेंसिक ऑडिट:- संयंत्रों में घोषित ईंधन व्यवस्था वास्तविक कोयला प्राप्ति भट्ठी में ईंधन उपयोग बिजली उत्पादन और राख उत्पादन का स्वतंत्र फोरेंसिक मिलान कराया जाए, साथ ही फर्जी वाहन पंजी दोहरी प्रविष्टि और काल्पनिक यात्राओं की डिजिटल जांच हो ।
  5. पर्यावरण पेसा (PESA) कानून एवं नदियां (खोलार व अहिरन) का संरक्षण:– खोलार एवं अहिरन नदी सहित आसपास के जल स्रोतों में औद्योगिक अपशिष्ट बहाए जाने की स्वतंत्र प्रयोगशाला से वैज्ञानिक जांच कराई जाए प्रभावित 10 किमी क्षेत्र में वायु धूल राख शोर भूजल एवं जनस्वास्थ्य सर्वेक्षण कराया जाए, पेसा/ग्रामसभा प्रावधानों का उल्लंघन कर हुए अनधिकृत विस्तार की भी जांच हो ।
  6. 2015 से औद्योगिक डीजल/बायोडीजल कर छूट एवं SECL कोल लेवी जांच:- वर्ष 2015 से औद्योगिक डीजल/बायोडीजल खरीद, भंडारण व अन्य राज्यों से मंगाए जाने की शिकायतों की जांच हो। कंपनियों को मिली कर छूट/प्रोत्साहन का वर्षवार परीक्षण कराया जाए, इसके साथ ही एसईसीएल की सभी 13 खदानों में 2018 से जारी कोल लेवी के खेल (जो रू.25 से बढ़कर रू.50 हो गया है) CSR मद सामग्री खरीदी-बिक्री तथा ओबी (OB) कार्य के भुगतानों की निष्पक्ष जांच की जाए ।
  7. नियमन अधिकारियों एवं कंपनियों की संयुक्त जवाबदेही तय हो:- वर्षों से संचालित इन गतिविधियों पर आँखें मूँदे बैठे एसईसीएल पर्यावरण संरक्षण मंडल खनन, राजस्व, वन, श्रम एवं जल संसाधन विभाग के संबंधित अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए, श्रमिकों के न्यूनतम वेतन ईएसआई पीएफ व सुरक्षा उपकरणों की भी विस्तृत जांच हो ।

भारतीय जनाधिकार पार्टी ने आम जनता श्रमिकों एवं पर्यावरण प्रेमियों से 23 सितंबर को प्रातः 11:00 बजे एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर पहुँचकर इस राष्ट्रहित और जनहित के आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है l

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