दीपावली के रंग संयुक्त परिवार के संग
पाली। कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक प्रतिनिधि लक्ष्मणलाल डिक्सेना का कहना है कि माता-पिता एवं घर के बुजूर्ग भगवान से कम नहीं। उनकी सेवा से ही हमें स्वर्ग की प्राप्ति हो सकती है। उन्होंने इस बात पर चिंता जाहिर की कि आज भौतिक युग में संयुक्त परिवार का विघटन हो रहा है। संयुक्त परिवार को बचाने आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार में रहने से सुख दुख को बांटने से मन हल्का हो जाता है। संयुक्त परिवार में भले ही जिम्मेदारी बड़ी होती है, लेकिन संयुक्त परिवार में ही स्वर्ग का वास होता है और संयुक्त परिवार के बड़े बुजूर्ग घर की धूरी होते हैं। उनकी सेवा से ही सच्चा स्वर्ग की अनुभूति होती है। जिन्होंने हमें अस्तित्व में लाया, उनकी सेवा हमारी जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि धर्म भी है। लक्ष्मणलाल डिक्सेना पूर्व विधायक प्रतिनिधि होने के साथ-साथ वे ग्राम वनसमिति, शाला विकास समिति सरस्वती शिशु मंदिर लखनपुर के अध्यक्ष पद का भी निर्वहन कर रहें हैं। हमारे प्रतिनिधि ने संयुक्त परिवार के साथ दीपावली की खुशियां मनाने के बाद श्री डिक्सेना से संक्षिप्त बात की, तो उन्होंने संयुक्त परिवार के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि संयुक्त परिवार के साथ त्यौहार मनाने से आनंद कई गुना बढ़ जाता है। घर के बड़े बुजूर्ग घर में खुश रहें तो घर में कभी कलह नहीं आती और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है। बुजूर्गों और माता-पिता के आशीर्वाद से ही परिवार में ईश्वर की कृपा, सुख-शांति और समृद्धि-खुशहाली रहती है। दीपावली पर पूरा परिवार एक साथ मिलकर हमने रीति रिवाज से लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजन किया और बड़े बुजूर्गों का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दी और सबसे अपील की कि संयुक्त परिवार को टूटने से बचाएं और भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाएं, ताकि देश दुनिया में हमारी वैभवशाली परंपरा को पुर्नजीवन मिल सके।
श्री डिक्सेना ने कहा कि आज लोग भौतिकवादी जीवन में इतना लिप्त हो गए हैं कि वे एकल परिवार की ओर आगे बढ़ रहे हैं और हमारा संयुक्त परिवार टूट रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने माता-पिता की सेवा को प्राथमिकता में रखकर आगे बढ़ें। माता पिता के बिना जीवन शून्य के समान है।
माता-पिता एवं बुजूर्गो के साथ त्यौहार मनाने से बढ़ जाती है खुशियां-लक्ष्मण डिक्सेना
