रायपुर,एजेंसी। प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को गोपनीय प्रतिवेदन यानी सीआर भरने का सिस्टम राज्य सरकार ने बदल दिया। उन्हें अब श्रेणी पर 1 से 10 अंक परफॉर्मेंस के आधार पर नहीं मिलेंगे। खास बात यह है कि कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र या प्रशिक्षण पत्र पर अंक नहीं दिए जाएंगे।
संविदा पर नियुक्त अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का मूल्यांकन नहीं करेंगे। यदि कोई अफसर जो प्रतिवेदक, समीक्षक या स्वीकारकर्ता अधिकारी है और सेवानिवृत्त या पद त्याग करता है, तब वह एक महीने के अंदर अपने अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों की सीआर पर अभिमत अंकित कर सकेगा।
जीएडी के अनुसार सीआर में दर्ज परफॉरमेंस के आधार पर ही कर्मचारी की आगे की सेवा कैसी होगी यह तय होगा। मूल्यांकन प्रतिवेदन से पदोन्नति, पदावनति, अनिवार्य सेवानिवृत्ति, सेवानिवृत्ति के बाद पुनर्नियुक्ति प्रभावित होगी। यदि कोई कर्मचारी को ज्वाइन किए एक साल से कम हुआ है, तो उसे ज्वाइनिंग तिथि से 31 मार्च तक सीआर भरनी होगी।
यदि कोई कर्मचारी अपने सक्षम अधिकारी द्वारा प्रदान किए अंकों या टीप से संतुष्ट नहीं है तो वह इसके लिए अपील कर सकेगा। सीआर की अवधि 1 अप्रैल से 31 मार्च होगी।

ऐसे तय किए जाएंगे पैरामीटर
कार्य पूरा करना, कार्य की गुणवत्ता, आपवादिक या अप्रत्याशित कार्य, कार्य की अभिरूचि, जिम्मेदारी की भावना, समग्र आचरण और व्यक्तित्व, भावनात्मक स्थिरता, संप्रेषण कौशल, विधि, नियमों, प्रक्रियाओं, आईटी कौशल व स्थानीय मानकों की जागरूकता, अनुकूल योजना बनाने की क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता, पहल, समन्वय क्षमता आदि।
खास बातें
प्रतिवेदन अधिकारी 15-16 जून को मूल्यांकन करेंगे।
निगम, मंडल, बोर्ड, अधिकरण, प्राधिकारी आदि के कर्मचारियों का मूल्यांकन प्रतिवेदन उसी चैनल से होगा जिस पद पर कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत है।
बर्खास्त अवधि की सीआर नहीं लिखी जाएगी। बहाल होने पर मूल्यांकन की जरूरत होने पर पूर्व की सीआर का अवलोकन किया जाएगा।
अधिकारी बर्खास्त, निलंबित या सेवा से पृथक है, तो अधीनस्थ रहे स्टाफ का मूल्यांकन-अभिमत नहीं कर सकेगा।
मूल्यांकन, ग्रेडिंग या टिप्पणी में सुधार के आवेदनों का निपटारा दो महीने में करना जरूरी।
थर्ड व फोर्थ क्लास के मामले में टिप्पणी अंकित करने वाले अधिकारी से वरिष्ठ अफसर अंतिम निर्णय लेंगे।
सेकेंड क्लास के अफसरों से संबंधित अभ्यावेदनों का निराकरण एवं अंतिम निर्णय विभागीय मंत्री के अनुमोदन से होगा।
फर्स्ट क्लास अफसर के खिलाफ प्रतिकूल टीप को विलोपित- संशोधित करने का अधिकार सीएस को होगा।
