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रायपुर में EOW अफसर बनकर ठगे 9.50 लाख:केस रफा-दफा करने के नाम पर रिटायर्ड इंजीनियर से मांगे थे 10 लाख, परिचित ही निकला मास्टरमाइंड

रायपुर,एजेंसी। राजधानी रायपुर के राखी थाना क्षेत्र में एक रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता से लाखों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

ईओडब्ल्यू अधिकारी बनकर ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को पुलिस ने दो महीने की लंबी और गोपनीय जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

चौंकाने वाली बात यह है कि ठगी की साजिश रचने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि प्रार्थी का पुराना परिचित और भरोसेमंद साथी ही निकला। प्रार्थी का नाम देवलाल सिंह टेकाम और आरोपी का नाम धर्मेंद्र चौहान पुलिस द्वारा बताया जा राह है।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

क्या है पूरा मामला

लोक निर्माण विभाग (PWD) से सेवानिवृत्त देवलाल सिंह टेकाम को जनवरी में कुछ अज्ञात नंबरों से कॉल आए। फोन करने वालों ने खुद को एसीबी (ACB)/ईओडब्ल्यू का अधिकारी बताकर डराया कि उनके खिलाफ गंभीर शिकायत हुई है। डरे हुए प्रार्थी ने यह जानकारी अपने पुराने परिचित धर्मेंद्र चौहान को दी। धर्मेंद्र ने मदद करने के बजाय इसी जानकारी को ठगी का हथियार बना लिया।

राखी पुलिस ने दो महीने की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया।

आरोपी धर्मेंद्र चौहान ने प्रार्थी को झांसा दिया कि वह मामला सुलझा लेगा और पुराने नंबरों को ब्लॉक करवा दिया। इसके बाद उसने अपनी एक महिला मित्र के नाम पर जारी सिम कार्ड से प्रार्थी को व्हाट्सएप मैसेज और कॉल किए। उसने फर्जी शिकायत की प्रति भेजकर प्रार्थी को इतना डराया कि वह समझौता करने को तैयार हो गए। आरोपी ने खुद को अधिकारी बताते हुए कहा कि “धर्मेंद्र चौहान के माध्यम से ही यह मामला खत्म हो सकता है।”

9.50 लाख लेकर हुआ फरार, ऐसे खुला राज

खुद को बचाने के लिए रिटायर्ड इंजीनियर ने धर्मेंद्र चौहान को किस्तों में कुल ₹9,50,000 दे दिए। आरोपी धर्मेंद्र जगदलपुर में टेंट का व्यवसाय करता है।

प्रार्थी के खेतों की देखरेख भी करता था, इसलिए उसे प्रार्थी की कमजोरियों और पुराने कार्यक्षेत्रों की पूरी जानकारी थी। जब काफी समय बाद भी मामला शांत नहीं हुआ, तब प्रार्थी को शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

दो महीने की जांच के बाद पकड़ा

राखी पुलिस ने रिटायर्ड इंजीनियर की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ 28 जनवरी को केस दर्ज किया था। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरु की तो प्रार्थी का परीचित ही इसमे पूरा मास्टर माइंड निकला।

तकनीकी साक्ष्य के आधार पर आरोपी को पुलिस ने पकड़ा, तो अपना अपराध कबूल किया। आरोपी पर आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है।

एसीबी-ईओडब्ल्यू का नाम से फोन करने और डराने वालों के नाम पर अफसरों ने शिकायत करने की बात कही है।

पुलिस की नागरिकों से अपील

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने नाम से सिम कार्ड खरीदकर उपयोग हेतु न दें, क्योंकि उसके दुरुपयोग होने पर आप स्वयं भी परेशानी में पड़ सकते हैं।

इसी तरह यदि किसी व्यक्ति को ACB/EOW में शिकायत होने के नाम पर कोई कॉल कर डराया या धमकाया जाता है, तो इसकी जानकारी हेल्पलाइन नंबर 1064, वेबसाइट www.acbeow.cg.gov.in, ईमेल eow.cg@gov.in,acb.cg@gov.in में करें। प्राप्त सूचना पर उचित वैधानिक कार्रवाई करने की बात विभागीय अधिकारियों ने कही है।

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