रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ बुजुर्गों के लिए देश का सबसे असुरक्षित प्रदेश बन गया है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) 2023 की रिपोर्ट बताती है कि राज्य में हर महीने औसतन 6 बुजुर्गों की हत्या हुई है। देशभर में सीनियर नागरिकों की हत्या की सबसे ज्यादा दर छत्तीसगढ़ में दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों की हत्या की दर 3.6 रही, जो राष्ट्रीय औसत 1.2 से 3 गुना ज्यादा है। इस मामले में अरुणाचल प्रदेश (3.1), मध्य प्रदेश और तमिलनाडु (2.7) जैसे राज्य भी छत्तीसगढ़ से पीछे हैं।
वहीं, सीनियर नागरिकों के खिलाफ 89.7% की कुल अपराध दर के साथ छत्तीसगढ़ देश में चौथे नंबर पर रहा। प्रदेश में हाल ही कई घटनाओं पर नजर डाले तो बुजुर्गों का मर्डर करने वाले ज्यादातर अपने ही है।
पहला केस-
पड़ोसियों ने घर घुसकर बुजुर्ग को मार डाला
दुर्ग जिले के भिलाई में दिवाली (20 अक्टूबर) की रात एक बुजुर्ग का मर्डर हुआ है। शहर के बैरागी मोहल्ला पावर हाउस क्षेत्र में 2 युवक पटाखा फोड़ रहे थे, तभी सामने वाले घर की महिला ने उनके घर के सामने पटाखा फोड़ने से मना किया। उनके बीच झगड़ा हो गया।
युवकों ने महिला से गाली-गलौज की। बीच बचाव करने आए ससुर ने पटाखा फोड़ने से मना किया तो दोनों आरोपियों ने मिलकर घर घुसकर कटर (धारदार हथियार) से वारकर बुजुर्ग को मार डाला। मृतक और आरोपी पड़ोसी हैं। मामला छावनी थाना क्षेत्र का है।
भिलाई में दिवाली (20 अक्टूबर) की रात एक बुजुर्ग का मर्डर।
दूसरा केस
पैसे नहीं देने पर नाती ने नानी की हत्या कर दी
घटना 2 महीने पहले की है। जहां धमतरी जिले में पैसे नहीं देने पर नाती ने अपनी नानी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। जानकारी के मुताबिक, लोमन साहू (21) बेरोजगार है। वह अपनी नानी लखवतिन बाई (62) और मां पूर्णिमा ध्रुव (32) से पैसे मांगता था। नहीं देने पर उसने मार डाला।
धमतरी में नाती ने नानी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी
तीसरा केस
बेटे ने अपने पिता का ईंट से सिर फोड़ा, मौत
24 मई 2025 को दुर्ग जिले के धमधा में एक बेटे ने अपने ही पिता को मार डाला। आरोपी बेटा अपनी पत्नी से विवाद कर रहा था। यह देख पिता ने उसे मना किया तो बेटे ने गुस्से में आकर उसके ऊपर ईंट से हमला कर दिया। गहरी चोट आने से पिता की मौत हो गई।

धमधा में एक बेटे ने अपने ही पिता को मार डाला।
चौथा केस
बहू ने प्रेमी संग मिलकर ससुर को करंट लगाकर मार-डाला
16 जुलाई 2025 को बालोद जिले में बहू ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर ससुर की करंट लगाकर हत्या कर दी। बहू का प्रेमी हारमोनियम सिखाने के बहाने अक्सर रात में उसके घर आता था। ससुर को इस पर आपत्ति थी और वह इसका विरोध करता था। जिसके चलते यह वारदात हुई। मामला डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम खड़ेनाडीह का है।
प्रेमी के साथ मिलकर ससुर की करंट लगाकर हत्या।
अब जानिए 89.7% का आंकड़ा कैसे आया
अपराध दर की गणना प्रति एक लाख जनसंख्या पर अपराध के रूप में की जाती है। छत्तीसगढ़ की अनुमानित जनसंख्या लगभग 3.3 करोड़ है। देश में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 2023 में हत्या की 72 घटनाओं में 73 वरिष्ठ नागरिकों की मौत हुई। इसी के आधार पर अपराध का प्रतिशत 89.7 रहा है।
अरुणाचल प्रदेश में 2 घटनाओं में 2 हत्याएं, मध्य प्रदेश में 155 घटनाओं में 156 हत्याएं और तमिलनाडु में 201 घटनाओं में 211 हत्याएं दर्ज की गई।
बुजुर्ग न घर में सुरक्षित, न बाहर
इन आंकड़ों से साफ है कि छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिक सुरक्षित नहीं है। घर के अंदर हो या बाहर अपराधियों के निशाने पर बुजुर्ग भी हैं। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे शहरों में भी अकेले रहने वाले बुजुर्गों पर हमले और संपत्ति को लेकर हिंसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
क्या कहता है ये आंकड़ा?
छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध केवल आंकड़ा नहीं, यह एक समाज के रूप में हमारी विफलता को दर्शाता है। अगर सबसे कमजोर और असहाय वर्ग सुरक्षित नहीं है, तो फिर किसका नंबर अगला है?सरकार को अब न सिर्फ कानूनी सख्ती, बल्कि सामजिक जागरूकता और सुरक्षा नेटवर्क को भी मजबूत करने की जरूरत है।
