रायुपर, एजेंसी। अमेरिका ने सूडान में चल रहे गृहयुद्ध से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ की एक कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका ने राजधानी रायपुर की SBL एनर्जी लिमिटेड कंपनी के सीईओ आलोक चौधरी समेत कुल 8 व्यक्तियों और संस्थाओं को बैन किया है।

अमेरिकी वित्त विभाग (यूएस ट्रेजरी) का आरोप है कि, रायपुर की एसबीएल एनर्जी ने सूडान के सैन्य नेटवर्क से जुड़ी संस्था टारगेट मल्टी एक्टिविटीज कंपनी (TMAC) को विस्फोटक और उससे संबंधित सामग्री की आपूर्ति की। विभाग के अनुसार इन सामग्रियों का इस्तेमाल सूडान में जारी संघर्ष के दौरान किया गया।
यूएस ट्रेजरी के मुताबिक एसबीएल एनर्जी कंपनी ने साल 2024 से अब तक TMAC को विस्फोटक और संबंधित सामग्री की 200 से अधिक खेप भेजी हैं। विभाग का दावा है कि यह सामग्री ऐसे नेटवर्क तक पहुंची, जो सूडान में चल रहे गृहयुद्ध को समर्थन दे रहे हैं।
रायपुर की SBL एनर्जी लिमिटेड के सीईओ आलोक चौधरी।
रायपुर के फाफाडीह स्थित एसबीएल का कार्यालय।
कंपनी ने अमेरिकी आरोपों को बताया गलत
दरअसल, एसबीएल एनर्जी (पहले नाम अमीन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड) डायनामाइट और TNT जैसे विस्फोटकों की सप्लाई करती है। अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बाद कंपनी ने अपना पक्ष रखा है। सीईओ आलोक चौधरी ने कहा कि उनकी कंपनी किसी भी तरह के रक्षा उत्पाद या सेना में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक नहीं बनाती।
कंपनी ने बताया कि वह भारत सरकार से लाइसेंस प्राप्त औद्योगिक विस्फोटक बनाती है। इनका उपयोग खनन, सड़क और पुल जैसी निर्माण परियोजनाओं में किया जाता है।
2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप भेजने का दावा
कंपनी के CEO ने अमेरिकी ट्रेजरी के आरोपों को गलत बताया। कंपनी का कहना है कि साल 2024 में 200 से ज्यादा खेप नहीं भेजी गईं। साल 2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप में औद्योगिक विस्फोटकों की आपूर्ति की गई है।
प्रतिबंध का क्या होगा असर
अमेरिका के प्रतिबंध लागू होने के बाद एसबीएल एनर्जी और उसके सीईओ आलोक चौधरी की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। इसके अलावा कोई भी अमेरिकी नागरिक, कंपनी या वित्तीय संस्था उनके साथ व्यापारिक या वित्तीय लेन-देन नहीं कर सकेगी। हालांकि, इस कार्रवाई का भारत में कंपनी के संचालन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है।
सूडान गृह युद्ध के बारे में जानिए
सूडान में गृह युद्ध 15 अप्रैल 2023 को शुरू हुआ। यह देश की नियमित सेना सूडानी आर्म्ड फोर्सेज (SAF) और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच चल रहा है। दोनों पक्ष पहले सहयोगी थे, लेकिन सेना में RSF के विलय, सत्ता पर नियंत्रण और देश के नेतृत्व को लेकर विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया।
यह लड़ाई धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई और लाखों लोग विस्थापित हो गए। संयुक्त राष्ट्र इसे दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक मानता है। युद्ध अभी भी जारी है। अमेरिका सहित कई देशों का आरोप है कि बाहरी नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई इस संघर्ष को लंबा खींच रही है।
इन 8 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के OFAC ने कुल 8 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनके नाम हैं:
- आलोक चौधरी – CEO, SBL Energy Limited (भारत)
- SBL Energy Limited – रायपुर, छत्तीसगढ़ की विस्फोटक निर्माण कंपनी
- Target Multiactivities Company Ltd. (TMAC) – सूडान
- Ports Engineering Company Ltd. – सूडान
- तारिक हुसैन मुहम्मद मदानी – सूडानी नागरिक
- एनरिक डेनियल पलासियोस क्विंटानिला – पनामा
- जैक पीटर डर्मन गुज़मान – पनामा
- फ्रेडी अलेजांद्रो लोपेज़ ओकाम्पो – कोलंबिया
