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मुख्यमंत्री शिंदे ने रोड शो के बाद नामांकन भरा:बारामती में डिप्टी CM अजित पवार का नॉमिनेशन, यहां भतीजे युगेंद्र चुनाव मैदान में उतरे

मुंबई,एजेंसी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाणे की कोपरी पाचपाखडी सीट से चुनाव लड़ने के लिए सोमवार सुबह नॉमिनेशन फाइल किया। नॉमिनेशन से पहले उन्होंने ठाणे में रोड शो भी किया था।

डिप्टी CM अजित पवार ने भी सोमवार सुबह बारामती से नामांकन भर दिया है। इसी सीट से अजित के भतीजे युगेंद्र पवार NCP-शरद गुट से उम्मदीवार हैं। युगेंद्र ने भी सोमवार सुबह ही नामांकन भरा। इस दौरान उनके साथ शरद पवार और सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं।

उधर, महिम सीट से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की टिकट पर चुनाव लड़ रहे राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने भी नामांकन भर दिया है। इस दौरान उनके साथ उनके MNS के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। नामांकन भरने की आखिरी तारीख 29 अक्टूबर है।

शरद पवार बोले- 90 से 95% सीटों पर सहमति बनी

शरद पवार ने कहा कि विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) राज्य की कुल 288 सीटों में से 90 से 95 प्रतिशत सीटों पर आम सहमति पर पहुंच गई है। हमारी लड़ाई उन लोगों के खिलाफ है जिन्होंने राजनीतिक दलों में फूट डाली और विचारधारा से समझौता किया। जो लोग सत्ता में हैं, उन्होंने लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया।

युगेंद्र के चुनाव लड़ने पर अजित बोले- हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार बारामती सीट से युगेंद्र के चुनाव लड़ने पर अजित पवार ने कहा- हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। जब भी मेरे खिलाफ कोई उम्मीदवार आता है तो मैं उसे मजबूत उम्मीदवार के तौर पर लेता हूं और उसी के हिसाब से प्रचार करता हूं। इस बार भी बारामती की जनता मुझे ही चुनेगी और मुझे उन पर पूरा भरोसा है।

युगेंद्र बोले- लड़ाई मुश्किल नहीं, लेकिन आसान भी नहीं

युगेंद्र ने कहा- अजित पवार के खिलाफ लड़ाई मुश्किल नहीं होगी, लेकिन आसान भी नहीं होगी। बारामती के लोग पवार साहब के साथ हैं। पवार साहब ने यही बात लोकसभा में भी दिखाई थी। यह काफी दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि परिवार में यह सब हो रहा है। इसकी शुरुआत लोकसभा चुनाव से हुई थी।

पहले अजित पार्टी के संस्थापक और परिवार के मुखिया शरद पवार साहब के मार्गदर्शन में थे, लेकिन पिछले सालों में जो हुआ, उसे पूरे भारत ने देखा। पार्टी टूटने के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें चुनाव चिह्न भी दे दिया।

हालांकि, परिवार में हम सभी ने फैसला किया कि हमें पवार साहब के साथ रहना चाहिए, क्योंकि वे NCP के संस्थापक हैं। वे परिवार के मुखिया हैं और उनकी वजह से न केवल बारामती बल्कि आसपास के सभी लोगों का विकास हुआ है।

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