कोरबा । रकम निवेश कराकर ठगी करने वाले चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर को मानिकपुर पुलिस की टीम ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है।
दर्री रोड कोरबा निवासी दीपक यादव ने वर्ष 2009 में शारदा विहार में संचालित विनोदनी प्रोजेक्ट लिमिटेड चिटफंड कंपनी में 27 हजार रुपए निवेश किया था। उसे 5 साल में रकम दोगुना होने का झांसा दिया गया था। रकम दोगुना नहीं होने पर उसके एवज में जमीन देने का भी भरोसा दिलाया गया था। इसी तरह कंपनी ने शहर में करीब एक करोड़ रुपए समेटे।
रकम परिपक्वता का समय होने पर वर्ष 2013 में कंपनी का दफ्तर बंद करके सभी डायरेक्टर भाग गए। डायरेक्टरों में कुसमुंडा निवासी शांतनु घटक भी शामिल था। जिसके भरोसे दीपक 5 साल तक उसके घर के चक्कर काटता रहा लेकिन वह नहीं मिला। तब उसने मानिकपुर चौकी में रिपोर्ट लिखाई थी। पुलिस ने ठगी का केस दर्ज करके दो आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।
जबकि मामले के तीन आरोपी फरार चल रहे थे। जिसमें शांतनु घटक भी शामिल था। पुलिस ने उन्हें पकड़ने लुक आउट नोटिस जारी किया था। वह कोलकाता में छिपा था जहां से बाहर भागने की तैयारी में एयरपोर्ट पहुंचा था। लुक आउट नोटिस की वजह से वह सुरक्षा एजेंसी की नजर में आ गया और उसे पकड़ लिया गया। सूचना पर मानिकपुर चौकी से पुलिस टीम कोलकाता पहुंची और उसे गिरफ्तार करके कोरबा लाया गया।
