कोरबा। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का 57वां स्थापना दिवस समारोह कोरबा के गेवरा स्थित CISF परेड ग्राउंड में संपन्न हुआ। इस अवसर पर एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में सीएमडी दुहन ने कहा कि CISF का स्थापना दिवस पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का दिन है। उन्होंने बताया कि देश के बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF के कंधों पर है, जिसे बल पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ निभा रहा है। उन्होंने CISF की तुलना देश की सीमाओं पर तैनात सेना से की, जो औद्योगिक संस्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करती है।

कार्यक्रम के दौरान, CISF के उप महानिरीक्षक निर्विकार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बल का मुख्य उद्देश्य देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने CISF को राष्ट्र की आर्थिक प्रगति का वाहक बताया।
राष्ट्र की प्रगति और सुरक्षा के लिए CISF का योगदान अहम
उप महानिरीक्षक निर्विकार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, और इस दिशा में CISF पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने एसईसीएल जैसे बड़े औद्योगिक संस्थानों के साथ मिलकर राष्ट्र की प्रगति और सुरक्षा को मजबूत करने में CISF की अहम भूमिका पर जोर दिया।
समारोह में CISF के वरिष्ठ कमांडेंट डॉ. नागेंद्र कुमार झा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस दौरान CISF जवानों ने आकर्षक मार्च पास्ट और परेड का प्रदर्शन किया। सुरक्षा से संबंधित डेमो भी प्रस्तुत किए गए, जिनकी उपस्थित अतिथियों और नागरिकों ने सराहना की।
उप महानिरीक्षक निर्विकार ने बताया कि गेवरा में CISF के 1500 जवान तैनात हैं। बल छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुल आठ जिलों में अपनी सेवाएं दे रहा है, जिनमें छत्तीसगढ़ के पांच और मध्य प्रदेश के तीन जिले शामिल हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में रायगढ़ और कुसमुंडा में CISF की तैनाती बढ़ाई जाएगी। बल का मुख्य ध्यान औद्योगिक क्षेत्रों में देश के विकास और सुरक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित है।
