नई दिल्ली, एजेंसी। कॉकरोच जनता पार्टी कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता के साथ मारपीट करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर से पकड़े गए। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है।
पकड़े जाने से पहले स्वतंत्र ने हसनपुर में मीडिया से करीब 3 मिनट तक बात की और कहा- “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। चाहे पूरा विपक्ष एकजुट हो मेरा बाल बांका नहीं कर सकता।”
स्वतंत्र की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP ने शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने में 3 घंटे प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस के आश्वासन के बाद धरना खत्म हुआ।
दरअसल नीशू का आरोप था कि 23 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनके पिता संजय के साथ मारपीट की गई।
इस बीच स्वतंत्र का एक पॉडकास्ट वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह संजय पर हमला करने की बात कबूल करता नजर आया। हालांकि, उसने कहा कि उसने ऐसा सेल्फ डिफेंस में किया था।
इस पर सौरव दास ने सवाल उठाया कि जब आरोपी खुद हमला करने की बात स्वीकार कर रहा है तो पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।
गिरफ्तारी से पहले मीडिया से कहा- मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता
गिरफ्तारी से पहले स्वतंत्र जेवर से निकलकर बुलंदशहर होते हुए दिल्ली जा रहा था। तभी उसने हसनपुर में रुककर मीडिया से करीब 3 मिनट तक बात की। स्वतंत्र ने कहा- “चाहे ट्रंप आ जाएं या नेतन्याहू आ जाएं। या राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष सड़क पर आ जाए, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मैं तो सनातन के लिए काम करता हूं।”
थाने के बाहर CJP समर्थक
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका को पुलिस ने बैरेकेडिंग लगाकर रोक दिया था। जिसके बाद उन्होंने पुलिस से बात की।
पुलिस ने बाद में सौरव और आशुतोष को बैरेकेडिंग के बीच से रास्ता देकर अंदर आने दिया।
मारपीट मामले में पीड़ित, आरोपी और दिल्ली पुलिस का पक्ष….
23 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता संजय पर हमला हुआ था। इसके बाद CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने उन्हें मंच पर बुलाकर बात की थी।
1. पीड़ित पक्ष- संजय कुमार/नीशू आजाद
CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे। संजय की शिकायत पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज हुआ। नीशू का आरोप है कि उनके पिता का सिर फोड़ा गया और डेढ़ महीने बाद भी पुलिस ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।
2. आरोपी- स्वतंत्र भारद्वाज
स्वतंत्र भारद्वाज ने एक वायरल पॉडकास्ट में दावा किया कि उन्होंने संजय के सिर पर हमला किया था और उन्हें 60 टांके लगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। बाद में भारद्वाज ने अपने बयान से पलटते हुए कहा कि यह हमला नहीं बल्कि सेल्फ-डिफेंस था। उनका दावा है कि 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था और अगर वह बचाव में कार्रवाई नहीं करते तो उन्हें भीड़ मार सकती थी।
3. दिल्ली पुलिस का पक्ष
पुलिस के मुताबिक 23 जून को संजय कुमार के सिर पर कड़ा (ब्रेसलेट) लगने से चोट आई। संजय को RML अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। मेडिको लीगल केस में चोट साधारण बताई गई।
पुलिस ने खोपड़ी फटने/फ्रैक्चर के दावे को गलत बताया। सूरज कुमार (24) और स्वतंत्र भारद्वाज (21) को मौके से हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान दोनों को नोटिस देकर पूछताछ की गई और पुलिस का कहना है कि कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है तथा जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
