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स्वच्छता सर्वेक्षण…सुपर स्वच्छ लीग में अंबिकापुर निगम नंबर-1:राष्ट्रपति के हाथों 17 जुलाई को निकायों को मिलेगा पुरस्कार, पिछले साल मिली थी 27वीं रैंकिंग

सरगुजा,एजेंसी। स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम अंबिकापुर ने अपनी खोई पहचान वापस हासिल कर ली है। भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के तहत जारी सुपर स्वच्छ लीग के परिणाम में अंबिकापुर निगम को पहले स्थान मिला है। सुपर स्वच्छता लीग में शामिल शहरों को 17 जुलाई को दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी।

सुपर स्वच्छ लीग एक विशेष लीग है, जो स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत स्वच्छता और सफाई मानकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों को मान्यता देने के लिए शुरू की गई है। अपने पिछले और वर्तमान स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग के आधार पर असाधारण प्रदर्शन करने वाले शहर साल 2024 के लिए इस लीग का हिस्सा बन गए हैं।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में अतिरिक्त मानदंडों के आधार पर निकायों का मूल्यांकन किया था। इसमें दोबारा अपने श्रेणी ( 50 हजार से 3 लाख जनसंख्या वाले शहर) में अंबिकापुर को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है।

अंबिकापुर को SLRM से मिली देशभर में पहचान

अंबिकापुर को SLRM से मिली देशभर में पहचान

क्या है स्वच्छता सुपर लीग ?

सुपर स्वच्छ लीग में देशभर के 15 शहरों को पांच केटेगरी में शामिल किया गया है। इन शहरों को स्वच्छता रेटिंग में शामिल नहीं किया जाएगा। अर्थात् इन शहरों को स्वच्छ होने का प्रमाण पत्र शहरों की रेटिंग से पहले ही दे दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में बड़े शहरों में अंबिकापुर एवं छोटे शहरों में पाटन व विश्रामपुर को सुपर स्वच्छ लीग में शामिल किया गया है।

इन पैरामीटर पर स्वच्छता सर्वेक्षण स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तीन पैरामीटर तय किए गए हैं।

  1. सर्टीफिकेशन
  2. सर्विस लेवल प्रोग्रेस
  3. पब्लिक फीडबैक
  • सर्टीफिकेशन में स्टार रेटिंग की टीम सर्वे में शहरों की सुंदरता, स्वच्छता, सड़कों की स्थिति, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, वाल राइटिंग का निरीक्षण करती है।
  • सर्विस लेवल प्रोग्रेस में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की स्थिति, रिक्शा से कचरा कलेक्शन का सर्टीफिकेशन, यूजर चार्ज कलेक्शन की जांच की जाती है।
  • कचरा संग्रहण की प्रोसेसिंग, कंपोस्ट बनाकर ब्रिकी, सूखे कचरे की बिक्री से आय की जानकारी ली जाती है।
  • पुराने डंपिंग यार्ड के मैनेजमेंट में अंक मिलते हैं। अंबिकापुर के डंपिंग यार्ड में हाल में एफिल टॉवर कबाड़ से बनाया गया है।
  • सेप्टिक टैंक की गंदगी प्रोसेस करने के लिए FSTP प्लांट में ट्रीटमेंट की स्थिति।

इन सभी पैरामीटर में अंबिकापुर सहित पाटन एवं विश्रामपुर को 85 प्रतिशत से अधिक अंक मिले हैं। भविष्य में इस केटेगरी में शामिल शहरों को 85 फीसदी से अधिक अंक लाने होंगे। अन्यथा शहरों को लीग से बाहर कर दिया जाएगा।

माहपौर बोलीं- सभी के सहयोग से मिली स्वच्छता लीग में जगह

17 जुलाई को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

17 जुलाई को विज्ञान भवन नई दिल्ली में पुरस्कार वितरण समारोह के लिए अंबिकापुर नगर निगम को आमंत्रित किया गया है। इसमें राष्ट्रपति के हाथों स्वच्छता लीग में शामिल शहरों को सम्मानित किया जाएगा।

यह पुरस्कार प्राप्त करने के लिए अंबिकापुर निगम की महापौर मंजूषा भगत के साथ निगम के आयुक्त डीएन कश्यप दिल्ली जाएंगे। इसी दिन स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के परिणाम एवं शहरों की रैंकिंग भी जारी कर दी जाएगी।

एक साल पहले 27वें स्थान पर था अंबिकापुर

साल 2023 के स्वच्छता सर्वेक्षण में अंबिकापुर नगर रैंकिंग में पिछड़ गया था। अंबिकापुर की 5 स्टार रैेंकिंग गिरकर 3 स्टार हो गई थी। अपनी श्रेणी में अंबिकापुर को 27वां स्थान मिला था। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की तैयारी और नगर स्वच्छता के सुदृढ़ीकरण के लिए अंबिकापुर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्य किया गया।

स्थानीय प्रशासन की मदद से स्वच्छता के संसाधन भी बढ़ाए गए। शहर की सड़कों और नालियों का काम हुआ। जिस कारण स्वच्छता लीग में अंबिकापुर को जगह मिली है।

महापौर बोलीं- सभी के सहयोग से वापस मिला सम्मान

अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि, सभी के सहयोग से अंबिकापुर की खोई पहचान वापस मिली है। इसके लिए जनता, स्वच्छता दीदीयों और नगर निगम की टीम बधाई की पात्र है। आने वाले समय में हम और बेहतर प्रदर्शन का प्रयास करेंगे।

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