जांजगीर-चांपा। जांजगीर में कोयले के अवैध भंडारण को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम कन्हाईबंद में मेसर्स मां शारदा लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड को कोयला रखने के लिए मिली अनुमति रद्द कर दी गई है।
जांच में पता चला कि कंपनी को जितनी जमीन पर कोयला रखने की अनुमति मिली थी, उससे ज्यादा जगह में कोल डिपो चलाया जा रहा था। कंपनी को 1.503 हेक्टेयर में कोयला रखने की अनुमति थी, लेकिन जांच में करीब 1.948 हेक्टेयर में कोल डिपो चलता मिला।
जांच के दौरान कई और गड़बड़ियां भी सामने आईं। डिपो के चारों तरफ ठीक से घेराबंदी नहीं थी। कोयले की आवक-जावक का पूरा रिकॉर्ड भी नहीं मिला। मजदूरों के लिए प्राथमिक उपचार और आग बुझाने के जरूरी इंतजाम भी नहीं पाए गए।
इसके अलावा कंपनी पर बिना अनुमति निर्माण करने, पर्याप्त पौधे नहीं लगाने और प्रदूषित पानी को बिना साफ किए नाले में छोड़ने का आरोप भी जांच में सामने आया। कोल डिपो से जुड़े दस्तावेजों में रेलवे अंडरब्रिज को भी सही तरीके से नहीं दिखाया गया था।
नोटिस के बाद भी जवाब संतोषजनक नहीं
शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जांच के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर कंपनी को नोटिस देकर 15 दिन में जवाब मांगा गया। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर प्रशासन ने कोयला भंडारण की अनुमति रद्द कर दी।
2030 तक मिली थी अनुमति
कंपनी को पहले 26 फरवरी 2020 से 25 फरवरी 2030 तक एक समय में अधिकतम 80 हजार मीट्रिक टन कोयला रखने की अनुमति दी गई थी। नियमों के उल्लंघन के चलते अब यह अनुमति निरस्त कर दी गई है।
