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SECL में ठेका श्रमिकों के ऐतिहासिक शोषण के खिलाफ 12 जून को कोरबा में गूंजेगा शंखनाद, नए श्रम कानूनों (OSHW Code) के तहत स्थायी रोजगार और समान वेतन की मांग को लेकर जुटेगा विशाल जनसैलाब

RCWF के महामंत्री प्रो. भागवत प्रसाद दुबे के नेतृत्व में 12 जोन के कोयला खदानों के हजारों ठेका मजदूर करेंगे एकजुटता का ऐतिहासिक इजहार

बिना साप्ताहिक अवकाश व बिना ओवर-टाइम (OT) भुगतान के 12-12 घंटे काम कराने जैसी अमानवीय परिस्थितियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान

नए श्रम कानून (OSHW Code 2020) के तहत मुख्य कार्यों (Core Activities) में ठेका प्रथा बंद कर सीधे SECL में समायोजित करने की मांग

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) में कार्यरत हजारों ठेका श्रमिकों के आर्थिक उत्पीड़न, मानसिक शोषण और उनके कानूनी अधिकारों के क्रूर हनन के खिलाफ राष्ट्रीय कोलरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। ठेका श्रमिकों के हितों व न्यायसंगत अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी 12 जून 2026 शुक्रवार को दोपहर 03:00 बजे से कुसमुंडा के महतारी अंगना प्रांगण में एक ऐतिहासिक और विशाल ठेका मजदूर महासभा का आयोजन किया जा रहा है ।

यह विशाल महासभा RCWF के राष्ट्रीय महामंत्री प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे के नेतृत्व में संपन्न होगी। इस महारैली और संवाद कार्यक्रम में कोरबा, कुसमुंडा, दीपका, गेवरा सहित लगभग 12 जोन की कोयला खदानों से जुड़े हजारों ठेका श्रमिक मजदूर एकजुट होकर अपनी ताकत और अधिकारों का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में कोयला उद्योग और देश के श्रमिक आंदोलनों से जुड़े कई वरिष्ठ व दिग्गज नेता शामिल होकर आगामी आंदोलन की रणनीति तय करेंगे ।

तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर शुरू, मजदूरों ने पारित किया प्रस्ताव

महासभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए कुसमुंडा, दीपका, गेवरा, तथा अन्य खदानों के मजदूरों ने जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। आज कुसमुंडा खदान से जुड़े ठेका श्रमिकों की एक अति महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें सर्वसम्मति से इस महासभा को पूर्णतः सफल बनाने का दृढ़ संकल्प और प्रस्ताव पारित किया गया। श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा अब तक हम अलग-अलग टुकड़ों में बंटकर अपनी लड़ाई लड़ रहे थे, जिससे प्रबंधन हमारे शोषण का फायदा उठा रहा था, अब RCWF के मजबूत और राष्ट्रीय नेतृत्व में एकजुट होकर हम अपने हक की अंतिम लड़ाई लड़ेंगे और इसे सफल बनाना हर ठेका श्रमिक का परम कर्तव्य है ।

शोषण के प्रमुख बिंदु और नए श्रम कानूनों (OSHW Code) का खुला उल्लंघन

महासभा में प्रबंधन की निम्नलिखित दमनकारी नीतियों और विसंगतियों के खिलाफ पुरजोर आवाज उठाई जाएगी:-

अमानवीय कार्य परिस्थितियां:- खदानों में कार्यरत श्रमिकों से बिना किसी साप्ताहिक अवकाश (Weekly Off) और बिना किसी ओवर-टाइम (OT) भुगतान के खुलेआम 12-12 घंटे तक जबरन काम कराया जा रहा है जो पूर्णतः गैर-कानूनी है ।

HPC वेतन योजना में भारी विसंगति:- पूर्व में बनाई गई हाई पावर कमेटी (HPC) की वेतन योजना में उच्च कुशल (Highly Skilled) ठेका श्रमिकों का वेतन भी SECL के कैटेगरी-1 के सबसे सामान्य रेगुलर मजदूर से कम रखा गया, इस विसंगतिपूर्ण समझौते पर जेबीसीसीआई (JBCCI) के सदस्य यूनियनों ने भी हस्ताक्षर कर मजदूरों को असहाय छोड़ दिया ।

नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) से वंचना:- 21 नवंबर 2025 से देश में लागू नए चार श्रम कानूनों के अंतर्गत OSHW Code 2020 की धारा 6 के तहत प्रत्येक श्रमिक को लिखित नियुक्ति पत्र और एम्प्लॉयमेंट कार्ड देना अनिवार्य है, जिससे प्रबंधन पूरी तरह बच रहा है ।

समान कार्य – समान वेतन (धारा 8):- नए कानून की धारा 8 साफ कहती है कि ठेका श्रमिकों को भी नियमित श्रमिकों के समान ही वेतन और सेवा शर्तें पाने का पूरा कानूनी अधिकार है ।

मुख्य कार्यों (Core Activities) में ठेका प्रथा पर कानूनी प्रतिबंध:- OSHW Code की धारा 57 के तहत किसी भी संस्थान के मुख्य कार्यों में ठेका मजदूर नहीं लगाए जा सकते, इसके बावजूद SECL कोयला उत्खनन सपोर्ट रूफ वोल्टिंग लाइन बिछाना ट्रामर ओबी हटाना कोयला परिवहन ड्रिलिंग और डोज़र/ग्रेडर/PC ऑपरेटर जैसी भारी मशीनों के संचालन जैसे मुख्य कार्यों में ठेका मजदूरों का इस्तेमाल कर उनका हक मार रहा है ।

महासभा की मुख्य मांग, सीधे SECL में किया जाए समायोजन (Merge)

राष्ट्रीय कोलरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) ने दो टूक कहा है कि अब ठेका श्रमिकों को कोई अंतरिम HPC वेतन या झूठी सुरक्षा नहीं चाहिए, चूंकि SECL का पूरा अस्तित्व और कोयला उत्पादन इन्हीं ठेका श्रमिकों के कंधों पर टिका है, इसलिए नए कानून की धारा 57 के तहत इन सभी ठेका श्रमिकों को सीधे SECL के नियमित (रेगुलर) कर्मचारी के रूप में समायोजित (मर्ज) किया जाए तथा नियमित कर्मचारियों की भांति ही ड्रेस कोड आवास सुविधा और उनके परिवारों को पूर्ण मेडिकल सुरक्षा प्रदान की जाए ।

श्रमिकों से महा-अपील

श्रम सेवा भूविस्थापित कामगार संगठन ने अपील की है कि यदि किसी भी कंपनी में ईपीएफ (EPF), सुरक्षा उपकरण, पेमेंट स्लिप या चिकित्सा सुविधा में कोई भ्रष्टाचार हो रहा है तो श्रमिक साथी अपने साथ लिखित शिकायत/आवेदन लेकर 12 जून को दोपहर 3 बजे कुसमुंडा महतारी अंगना में भारी से भारी संख्या में उपस्थित हों ।

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