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कांग्रेस बोली- पाकिस्तान ने राफेल के टेल नंबर दिए:हमारे 4 जेट गिराने का दावा किया, सरकार से गुजारिश सबूतों के साथ जवाब दें

नई दिल्ली,एजेंसी। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार को कहा कि हमें खबरों से पता चला है कि पाकिस्तान ने राफेल के टेल नंबर दिए हैं। मुझे लगता है कि इंडियन एयरफोर्स इन दावों का खंडन करेगी और जब तमाम राफेल दिखाएगी, तब पाकिस्तान के होश ठिकाने आ जाएंगे।

खेड़ा ने आगे कहा कि इंडियन एयरफोर्स पाकिस्तान का मुंह बंद कराना जानती है। हमारी सरकार से भी गुजारिश है कि वे पाकिस्तान को सबूतों के साथ जवाब देकर उनके दावों को ध्वस्त कर दें।

दरअसल, 17 सितंबर को इस्लामाबाद पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में पाकिस्तान आर्मी के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल खालिद किदवई ने दावा किया कि पाकिस्तान ने भारत के जिन चार राफेल विमानों को गिराया है। उनका टेल नंबर BS001, BS021, BS022 और BS027 है।

लेफ्टिनेंट जनरल किदवई ने आगे दावा किया कि भारत के 6 नहीं बल्कि कुल 7 विमान मार गिराए गए थे। इसमें चार राफेल, एक मिग-29, एक सुखोई-30 और एक मिराज 2000 शामिल है। इसके अलावा भारत ने एक इजराइल में बना हेरॉन यूएवी भी खो दिया।

9 अगस्त को IAF चीफ बोले थे- पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान ढेर हुए

एयर फोर्स चीफ एपी सिंह ने 9 अगस्त को कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान गिराए गए थे। इसके अलावा एक सर्विलांस एयरक्राफ्ट को लगभग 300 किलोमीटर की दूरी से मार गिराया। यह सतह से हवा में टारगेट हिटिंग का अभी तक का रिकॉर्ड है।

एपी सिंह बेंगलुरु के HAL मैनेजमेंट अकादमी ऑडिटोरियम में एयर चीफ मार्शल एलएम कात्रे मेमोरियल लेक्चर के 16वें सीजन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने शानदार काम किया, पाकिस्तान हमारा एयर डिफेंस सिस्टम नहीं भेद पाया।

एयर फोर्स चीफ ने आगे कहा कि पाकिस्तान के बहावलपुर में हमले के पहले और बाद की तस्वीरें सबके सामने हैं। वहां कुछ नहीं बचा था। ये तस्वीरें न सिर्फ सैटेलाइट से ली गईं बल्कि लोकल मीडिया ने भी तबाह हुई बिल्डिंग की अंदर की तस्वीरें दिखाई थीं।

एयरफोर्स चीफ ने और क्या कहा था, 4 पॉइंट में…

  • सेना को खुली छूट दी गई थी: सफलता का एक प्रमुख कारण राजनीतिक इच्छाशक्ति का होना था। हमें बहुत स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। हमें खुली छूट थी। हमने तय किया कि कितना आगे बढ़ना है। हमें योजना बनाने और उसे लागू करने की पूरी आजादी थी। तीनों सेनाओं के बीच कोऑर्डिनेशन था। CDS के पद ने वास्तव में अंतर पैदा किया। वह हमें एकसाथ लाने के लिए मौजूद थे।
  • 90 घंटे की जंग में PAK पीछे हटा: यह एक उच्च तकनीक वाला युद्ध था। 80 से 90 घंटे के युद्ध में हम इतना नुकसान कर पाए कि उन्हें (पाकिस्तान) साफ पता चल गया था कि अगर वे इसे जारी रखेंगे तो उन्हें इसकी और भी अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी इसलिए वे आगे आए और हमारे DGMO को संदेश भेजा कि वे बात करना चाहते हैं। हमारी ओर से इसे स्वीकार कर लिया गया।
  • बालाकोट के भूत से छुटकारा पाया: 2019 में जब बालाकोट में हमने एयर स्ट्राइक की तो उसके सबूत नहीं जुटा पाए। लोगों ने सवाल उठाए कि हमने क्या किया या क्या नहीं किया। इसलिए मुझे बहुत खुशी है कि इस बार हम बालाकोट के उस भूत से निपटने में सक्षम थे और हम दुनिया को यह बताने में सक्षम थे कि हमने क्या हासिल किया है।
  • करीबियों ने कहा- और मारना चाहिए था: इस युद्ध में लोग अपने अहंकार पर उतर आए। एक बार जब हमने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया, तो हमें इसे रोकने के सभी अवसर तलाशने चाहिए थे। मेरे कुछ करीबी लोगों ने कहा, ‘और मारना चाहिए था’। लेकिन क्या युद्ध को जारी रखना सही होता… देश ने एक अच्छा निर्णय लिया।

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