कोरबा। जिला कांग्रेस कार्यालय टी. पी. नगर कोरबा में स्वतंत्रता संग्राम के सिद्ध महात्मा लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का पूण्यतिथि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के तैल्यचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजली अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नत्थुलाल यादव ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक में अभिमन्यु की तरह प्रतिभा एवं साहस का असीम भण्डार था । अपनी नि:स्वार्थ देश भक्ति अदम्य साहस के कारण स्वतंत्र भारत के महान निर्माताओं में से एक थे ।

ग्रामीण जिला अध्यक्ष मनोज चौहान ने बताया कि गंगाधर तिलक देश प्रेम की लौ को सदैव प्रकाशमान रखने के लिए अपने उग्र विचारों को ध्वनि तरंगों की तरह यत्र – तत्र – सर्वत्र फैलाने का प्रयास करते रहे। नवयुवकों में उत्साह व साहस बढ़ाने के लिए उन्होंने जगह-जगह गणपति उत्सव के माध्यम से युवाओं को संगठित किया और 1895 में शिवाजी उत्सव आरंभ किया, जिसके आशानुकुल परिणाम निकले। योग गुरू संतोष यादव ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को भारतीय चेतना का जनक कहा जाता है । श्री तिलक, महात्मा गांधी के अग्रदूत थे । उनका जीवन दिव्य था, इसी कारण से देशवासियों ने उन्हें लोकमान्य की उपाधि दी और श्री तिलक भगवान भी कहे जाते रहे।
इस अवसर पर मनकराम साहू, गोपाल यादव, राहू अली, राजेन्द्र दास एवं सुशील नेताम ने भी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला।
