पूर्व विधायक केरकेट्टा की टीम पहुंची झारखंड
पूर्व विधायक प्रतिनिधि डिक्सेना ने कहा- इंडि गठबंधन की स्थिति मजबूत
कोरबा/पाली। झारखंड विधानसभा चुनाव में एनडीए और इंडि गठबंधन ने पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रही है और एनडीए को रोकने के लिए कांग्रेस देश के कई प्रदेशों से कांग्रेस पदाधिकारियों को चुनाव प्रचार में लगा दी है। कोरबा जिले से भी कई कांग्रेसियों को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पड़ोसी प्रदेश झारखंड में विधानसभा का चुनाव दो चरणों में 13 एवं 20 नवंबर को होना है, जिसमें पार्टी प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के भी दिग्गजों को चुनाव में लगाया है। इसी कड़ी में ग्रामीण क्षेत्र के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को भी झारखंड विधानसभा चुनाव में जिम्मेदारी सौंप दी गई है। पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह भगत के नेतृत्व में कुनपुरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक यू डी मिंज, जशपुर के पूर्व विधायक अब्दुल विनय भगत,पाली तानाखार विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक मोहितराम केरकेट्टा झारखंड पहुंच गए हैं और वहां जाकर कई विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव कार्य-नामांकन,प्रचार प्रसार, नुक्कड़ सभा में जुट गए हैं,वहीं कार्यकर्ताओं की बैठक में रणनीति भी तैयार की जा रही है। इनके साथ ग्रामीण कार्यकर्ताओं को भी तवज्जो दी जा रही है।
पूर्व विधायक प्रतिनिधि लक्ष्मण डिक्सेना, जो शाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष, वन समिति लखनपुर के अध्यक्ष भी हैं, उनके साथ रोशन मोहम्मद-पूर्व पार्षद जुराली, महेन्द्र अग्रवाल-कोषाध्यक्ष, अनुज गुप्ता, हंसराज अग्रवाल, मनमोहन भगत, सागर यादव-जिलाध्यक्ष सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी उक्त चुनाव में दिख रही है। श्री डिक्सेना ने बताया कि झारखंड में इंडि गठबंधन की स्थिति काफी मजबूत दिख रही है और सोरेन सरकार के कामकाज को वहां की जनता ने सराहा है और खुश नजर आ रही है।
इसे देखते हुए कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत और झारखंड में इंडि गठबंधन की सरकार बनते नजर आ रही है।दीपावली के बाद वे अन्य कार्यकर्ताओं के साथ पुन: प्रचार के लिए झारखंड जाएंगे। झारखंड की सीमा से लगने वाले जिले के जनप्रिय नेता अमरजीत सिंह भगत की उस क्षेत्र में काफी पैठ है, जिसके कारण कांग्रेस प्रत्याशियों को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। अमरजीत भगत के नेतृत्व में प्रचार प्रसार से कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में अच्छा माहौल तैयार हो रहा है और उनके नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का पूरा अमला सक्रियता से चुनाव प्रचार में जुटा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा चुनाव की चर्चा हर तरफ हो रही है। यह चुनाव झारखंड की सभी 81 विधानसभा सीटों के लिए हो रहा है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को समाप्त हो रहा है और इस बार मुख्य मुकाबला हेमंत सोरेन की झारखंड की मुक्ति मोर्चा- इंडि गठबंधन और एनडीए के बीच है।
झारखंड विधानसभा चुनाव: जिले के कांग्रेसजनों को मिली अहम जिम्मेदारी
