जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा में बिजली दरों में हालिया वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मंत्री शिव कुमार डहरिया ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने लगातार पांचवीं बार बिजली दरें बढ़ाकर आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डहरिया ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। वहीं कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।

जनता पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बिजली लगातार महंगी होती जा रही है। पहले से बढ़े हुए बिजली बिलों का सामना कर रहे उपभोक्ताओं पर अब नई दरों का अतिरिक्त भार डाला गया है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि हाल ही में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) लगाकर उपभोक्ताओं की जेब पर और बोझ बढ़ाया गया है।
‘बिजली बिल हाफ’ योजना का किया जिक्र
पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि पांच वर्षों में बिजली दरों में केवल 2 पैसे की वृद्धि हुई थी। साथ ही 400 यूनिट तक ‘बिजली बिल हाफ’ योजना लागू थी, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिली थी।
स्मार्ट मीटर पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। डहरिया ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं की बिजली खपत वास्तविक उपयोग से अधिक दर्ज हो रही है, जिसके कारण बिजली बिल दो से तीन गुना तक बढ़कर आ रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि जून माह में 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सामान्य से कहीं अधिक बिजली बिल मिले हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
बिना सहमति बढ़ाया जा रहा लोड: कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं की जानकारी और सहमति के बिना उनके अनुबंध भार (लोड) में वृद्धि की जा रही है। बाद में अधिक खपत का हवाला देकर अतिरिक्त शुल्क और अर्थदंड वसूला जा रहा है।
अघोषित कटौती से किसान और छात्र परेशान
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने प्रदेशभर में जारी अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा भी उठाया। नेताओं का कहना है कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। वहीं छात्रों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों को भी लगातार बिजली बाधित होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने मांग की है कि बिजली दरों में की गई वृद्धि तत्काल वापस ली जाए, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए तथा किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक व्यापक आंदोलन करेगी। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि खाद, डीजल, पेट्रोल और बिजली की बढ़ती कीमतों के बीच रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं, ऐसे में सरकार को राहत देने के बजाय लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालना चाहिए।
