बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर में कांग्रेस ने 9 जून को कलेक्ट्रेट घेराव का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन किसानों की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर बैलगाड़ी और पदयात्रा के माध्यम से किया जाएगा। शहर और जिला कांग्रेस कमेटी ने इस आंदोलन के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया जाएगा।
पार्टी नेताओं ने खाद-डीजल की कमी और प्रशासनिक नियमों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की घोषणा की है। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और सरकारी नियंत्रण के विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर ग्रामीण और जिला किसान कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में एक बैठक बुलाई गई थी।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, छाया विधायक राजेंद्र साहू, विजय केशरवानी, राजेंद्र शुक्ला, पूर्व महापौर रामशरण यादव, प्रमोद नायक और आत्मजीत मक्कड़ सहित कई नेता उपस्थित थे।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 9 जून को सुबह 11 बजे जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान किसान और कांग्रेस नेता बैलगाड़ियों के माध्यम से कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।
इन मांगों को लेकर होगा आंदोलन
कांग्रेस नेताओं ने साझा बयान में कहा कि सोसायटियों और पेट्रोल पंपों पर कड़े प्रशासनिक नियम थोपकर किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों की प्रमुख मांगें, जिस को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन का निर्णय लिया है।
उसमें बिजली कटौती बंद करने, खाद कटौती का ‘तुगलकी फरमान’ वापस कराने, खरीफ सीजन के लिए प्रति एकड़ मात्र 1 बोरी खाद की पात्रता का नियम निरस्त कर वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त खाद की आपूर्ति शामिल है।
इसी प्रकार तीन किस्तों में खाद देने की नीति बंद करने, 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद देने का नियम बंद कर सभी किसानों को एकमुश्त खाद सप्लाई करने, ‘सुपर फ्लॉप’ टोकन व्यवस्था को तुरंत बंद करने और खाद-बीज पर प्रशासनिक नियंत्रण तत्काल हटाने की मांग प्रमूख रूप से शामिल है।
