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कोरबा में कार्तिक पूर्णिमा पर मां हसदेव का अभिषेक:नदी में 21000 दीपदान, जिले के पर्यटन स्थलों पर उमड़ी श्रद्धालुओं-सैलानियों की भीड़

कोरबा। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कोरबा शहर में नमामि हसदेव सेवा समिति ने पांच दिवसीय महालक्ष्मी यज्ञ के समापन पर हसदेव नदी तट पर महाआरती की। इस अवसर पर मां हसदेव का 108 लीटर दूध से अभिषेक किया गया, साथ ही 21,000 दीपदान भी किए गए।

वहीं, कार्तिक पूर्णिमा के दिन जिले के सभी पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी। ‘मिनी गोवा’ के नाम से प्रसिद्ध झोरा घाट इस उत्सव का मुख्य केंद्र रहा, जहां बड़ी संख्या में लोग हसदेव नदी में स्नान और पूजा-अर्चना करने पहुंचे।

मां हसदेव का 108 लीटर दूध से अभिषेक किया गया।

मां हसदेव का 108 लीटर दूध से अभिषेक किया गया।

संतों और विद्वान पंडितों ने की महाआरती

5 नवंबर को आयोजित इस महाआरती कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। मां सर्वमंगला मंदिर स्थित हसदेव नदी तट पर हुई इस महाआरती में संतों और विद्वान पंडितों ने मां हसदेव की पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में 101 जजमान और बनारस से आए 11 पुजारी शामिल हुए।

इस अवसर पर मां हसदेव का 108 लीटर दूध से अभिषेक किया गया, साथ ही 21,000 दीपदान भी किए गए। भव्य रंगोली और आतिशबाजी ने माहौल को और भी आकर्षक बना दिया। आयोजकों के अनुसार, 5,000 से अधिक लोग इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

कार्तिक पूर्णिमा पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।

छत्तीसगढ़ की देव दिवाली

दुर्गा आश्रम से आए रामबालक दास ने इस आयोजन को ‘छत्तीसगढ़ की देव दिवाली’ बताया। उन्होंने कहा कि देश की प्राण नदियों को बचाने का यह प्रयास सराहनीय है और आस्था व धर्म के प्रति जागरूकता के लिए ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।

कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत ने समिति के इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम लोगों की श्रद्धा और आस्था बढ़ाते हैं, साथ ही सामूहिक भागीदारी से लोगों को एकजुट करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। लोगों की आवाजाही सुचारु रखने के प्रयास किए गए और नदी तट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

पिकनिक स्पॉट पर रही भीड़

जिले के झोरा घाट पर पहले असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता था, लेकिन अब पुलिस की सख्ती से माहौल शांतिपूर्ण है। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे ताकि श्रद्धालु और पर्यटक बिना किसी परेशानी के कार्तिक पूर्णिमा का आनंद ले सकें।

झोराघाट पिकनिक स्पॉट पर पहले मारपीट और हंगामे की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनके वीडियो भी वायरल हुए थे। इसे देखते हुए स्थानीय महिला समिति और पुलिस की विशेष निगरानी बनी हुई है।

कार्तिक पूर्णिमा के अगले दिन 6 नवंबर को भी जिले के सभी पर्यटन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं और सैलानियों की भारी भीड़ देखी गई। सुबह से ही लोग सतरेंगा, बुका, बांगो, परसाखोला और रजगामार जैसे पिकनिक स्थलों पर पहुंचने लगे थे।

कोरबा जिले से लगभग 33 किलोमीटर दूर स्थित सतरेंगा पिकनिक स्पॉट पर कोरबा के अलावा अन्य जिलों से भी लोग पिकनिक मनाने आते हैं। यहां रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट और महिला समिति द्वारा तैयार भोजन की सुविधा उपलब्ध है।

परसाखोला पिकनिक स्पॉट लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है, जहां का झरना मुख्य आकर्षण का केंद्र है। हालांकि, यह स्थान खतरनाक भी माना जाता है और यहां डूबने से कई लोगों की मौत हो चुकी है।जिले से 51 किलोमीटर दूर बांगो में बांध देखने लोग जाते हैं, जो एक प्रमुख आकर्षण है।

बुका पिकनिक स्पॉट 68 किलोमीटर दूर है, जहां रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट हैं और यहां भी जिले के बाहर से पर्यटक आते हैं। शहर से 10 किलोमीटर दूर रजगामार में साल भर लोग पिकनिक मनाने जाते हैं, जो अपने हरे-भरे जंगल और बहते पानी के लिए जाना जाता है।

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