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बिजली दर में बढ़ोत्तरी से उपभोक्ताओं में जमकर आक्रोश

कांग्रेस ने साय सरकार पर बोला हमला
कोरबा।
छ.ग. राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने लगातार दूसरे साल घरेलू बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी की है, जिससे उपभोक्ताओं में आक्रोश देखने को मिल रहा है ।
उक्त कथन जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा शहर अध्यक्ष नत्थुलाल यादव ने जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक में कहा। यादव ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की है । यह लगातार दूसरा साल है, जब घरेलू बिजली महंगी की गई है । पिछले साल 20 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाये गये थे।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का बुरा हाल- मनोज चौहान
ग्रामीण जिला अध्यक्ष मनोज चौहान ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई का हाल बहुत बुरा है । ग्रामीण क्षेत्रों में घंटो – घंटो बिजली गूल रहती है । बरसात के दिनों में खास कर । चौहान ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने से भी लोग परेशान हो रहे हैं । बहुत तेजी से लोगों की जेब कट रही है। इसके बावजूद छ.ग. की भाजपा सरकार ने बिजली की दरों में वृद्धि कर दी है । एक जुलाई से बढ़ी हुई दरें लागू होगी, जो अगस्त के माह में बढ़ा हुआ बिल आयेगा । उन्होंने आगे बताया कि सभी घरेलू उपभोक्ताओं के घर की बिजली की रीडिंग माह की दस तारीख तक होती है । जुलाई दस तारीख को रीडिंग ली गई है । एक से लेकर दस तारीख का बिल जून माह के 11 जून से 30 जून के साथ जूलाई में आ जाएगा। इसका मतलब है कि जुलाई माह से ही बढ़ा हुआ बिल आना शुरू हो जावेगा ।
बिजली दर बढ़ोत्तरी का सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं पर – राजकिशोर
पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि महंगी बिजली का असर सीधे घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बिजली बिल में औसतन लगभग 13 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है । कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट तक घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट के बाद 500 यूनिट तक बिजली जलाने वालों के बिजली बिल में 45 रूपये की वृद्धि होगी। इसी के साथ गैर घरेलू उपभोक्ताओं के बिलों में भी अलग – अलग श्रेणीवार दरों पर प्रति यूनिट बिजली महंगी हो जाएगी ।
गरीबों की जेब पर डाका डाल रही साय सरकार- कृपाराम
प्रदेश में लगातार दूसरे साले घरेलू एवं गैर घरेलू बिजली दरों में बढ़ोत्तरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने भी साय सरकार पर हमला बोला। साहू ने कहा है कि यह गरीबों के जेब पर डाका डालना जैसा है। इससे लाखों बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी होगी । साय सरकार को इस पर विचार करना चाहिए ।

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