कोरबा/कटघोरा। कटघोरा जनपद पंचायत कटघोरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत धवाईपुर के आश्रित ग्राम डूडगा में इन दिनों गंभीर जल प्रदूषण की समस्या सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कटघोरा नगर पालिका द्वारा दूषित पानी को नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का जल पूरी तरह प्रदूषित हो गया है।

इस मामले में भाजपा प्रदेश सहसंयोजक राजेश यादव (झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ) ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि नदी के प्रदूषित होने से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इसी नदी के पानी का उपयोग झिरिया खोदकर पीने एवं दैनिक कार्यों के लिए करते आ रहे हैं, लेकिन अब पानी अत्यधिक दूषित हो चुका है। इसके सेवन से विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलने लगी हैं।
गंदे पानी से फैलने से ग्रामीणों में
डायरिया (दस्त), हैजा, टायफाइड (मियादी बुखार), पीलिया (जॉन्डिस), त्वचा रोग (खुजली, एलर्जी, फोड़े-फुंसी), पेट संक्रमण, उल्टी-दस्त, तथा बच्चों में कुपोषण एवं कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नल-जल योजना के तहत गांव में पानी टंकी और पाइपलाइन तो बिछाई गई है, लेकिन योजना का लाभ अब तक लोगों तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे यह योजना “सफेद हाथी” साबित हो रही है।
साथ ही, आसपास के कुछ कारखानों द्वारा भी प्रदूषित पानी नदी में छोड़े जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। वर्तमान में हालात ऐसे हैं कि इस पानी का उपयोग पशुओं के लिए भी सुरक्षित नहीं रह गया है।
वहीं, एक कटघोरा के स्थानीय कांग्रेस नेता ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि इस समस्या की शुरुआत पूर्व में नगर पालिका के अध्यक्ष भाजपा का तथा डूडगा के बेटी नेतृत्व के दौरान हुई थी। जिन्होंने नाला बनवा कर पुरे ग्रामीणों को प्रदूषण युक्त जहरिले पानी से कहर मचाई है.हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
भाजपा नेता राजेश यादव सहित ग्रामवासियों ने शासन से मांग की है कि नदी को जल्द से जल्द प्रदूषण मुक्त कर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
