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पार्षद अमिला पटेल ने चरित्र हनन के दुर्भावनापूर्ण आरोपों के खिलाफ लिया कड़ा रुख, मानहानि और सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग

कोरबा/कुसमुंडा। 10 नवंबर 2025 वार्ड – 29 नराईबोध की कर्मठ पार्षद और पी.आई.सी. सदस्य (शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण विभाग) अमिला पटेल ने अपनी बढ़ती सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से लगाए गए झूठे मनगढ़ंत और आधारहीन आरोपों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम उठाया है ।

​पार्षद की ओर से उनके प्रतिनिधि राकेश कुमार पटेल ने कुसमुंडा थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायत सौंपकर चरित्र हनन करने वाले तत्वों के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करने और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है ।

मामले का विवरण और कानूनी आधार
​शिकायतकर्ता राकेश कुमार पटेल पार्षद अमिला पटेल की ओर से
​आरोपी:- तुलेश बैरागी, रमेश दास, नारायण प्रसाद साहू, विनोद कुर्रे और अन्य अज्ञात व्यक्ति,
आरोपों का सार
आरोपियों ने समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग करते हुए, पार्षद पर एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के नाम पर पीएनसी आउटसोर्सिंग कंपनी में 60,000 से 80,000 लेकर नौकरी लगाने के झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं ।
​शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अमिला पटेल एक सच्चरित्र, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ जनप्रतिनिधि हैं जिन्होंने निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा की है ये समस्त आरोप पूर्णतः असत्य, दुर्भावनापूर्ण और आपराधिक मानहानिकारक हैं ।

पार्षद का वक्तव्य प्रतिनिधि के माध्यम से
​राकेश कुमार पटेल ने कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ निहित स्वार्थ वाले तत्वों ने हमारी पार्षद की छवि को धूमिल करने के लिए इस तरह के ओछे हथकंडे अपनाए हैं पार्षद अमिला पटेल के खिलाफ लगाए गए ये आरोप सिर्फ उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा पर हमला नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और सार्वजनिक जीवन की शुचिता पर सीधा प्रहार है हमारा उद्देश्य स्पष्ट है हम इन दुर्भावनापूर्ण तत्वों को बेनकाब करेंगे और न्यायपालिका में सत्य को स्थापित करेंगे ।

की गई मुख्य माँगे:-
पार्षद श्रीमती पटेल की प्रतिष्ठा को हुए गंभीर नुकसान और उनके जन-कार्यों में पैदा की गई बाधा को देखते हुए कुसमुंडा थाना प्रभारी से निम्नलिखित कार्रवाई की तत्काल माँग की गई है:-

  1. आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करना:- झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाकर पार्षद की सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने वाले शिकायतकर्ताओं के खिलाफ तत्काल मानहानि का मामला दर्ज किया जाए ।
  2. ​सख्त कानूनी निवारक कार्रवाई:- भारतीय न्याय संहिता की उपयुक्त धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति दुर्भावना और ओछी राजनीति के तहत किसी भी ईमानदार जनप्रतिनिधि को बदनाम करने का दुस्साहस न कर सके ।

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